नई दिल्ली। हिंदू धर्म में जहां खरमास के दौरान शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, वहीं इस बार चैत्र नवरात्रि इसी अवधि के बीच शुरू हो रहे हैं। इसे लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि इस दौरान पूजा-पाठ या अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं या नहीं।
खरमास में क्यों नहीं होते शुभ कार्य?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य धनु या मीन राशि में गोचर करता है, तो इसे कमजोर स्थिति माना जाता है। इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
नवरात्रि में पूजा पर नहीं है रोक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में मांगलिक कार्य भले ही वर्जित हों, लेकिन पूजा-पाठ, जप, तप और धार्मिक अनुष्ठानों पर कोई रोक नहीं होती। खासकर नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना करना अत्यंत शुभ माना गया है। इसलिए श्रद्धालु पूरे विश्वास के साथ नवरात्रि की पूजा कर सकते हैं।
कब से शुरू होंगे चैत्र नवरात्र?
वैदिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च को राम नवमी के दिन समाप्त होंगे। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है और इसे आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
इस प्रकार, खरमास के बावजूद नवरात्रि की पूजा-अर्चना में कोई बाधा नहीं है, लेकिन विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए अभी भी शुभ मुहूर्त का इंतजार करना ही उचित माना गया है।
