नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष, खासकर Iran–Israel conflict के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिसका असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश के कई शहरों में एलपीजी की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जबकि खाने-पीने की कई चीजों के दाम भी बढ़ गए हैं। इस संकट का असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
कई जगहों पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण रेस्टोरेंट संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं, जबकि कई ने अपने मेन्यू में कटौती कर दी है। कई भोजनालयों ने कुछ विशेष डिश बनाना भी बंद कर दिया है।
इस बीच Bengaluru के एक कैफे का बिल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि Theo Cafe नामक कैफे ने एक ग्राहक के बिल में ‘Gas Crisis Charge’ जोड़ दिया। वायरल बिल के अनुसार दो मिंट लेमोनेड के ऑर्डर पर 5 प्रतिशत यानी करीब 17.01 रुपये का ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ लगाया गया। दोनों ड्रिंक्स की कीमत 179 रुपये प्रति ड्रिंक थी, जिसकी कुल कीमत 358 रुपये हुई। इसके साथ CGST, SGST और गैस क्राइसिस चार्ज जोड़ने के बाद कुल बिल 374 रुपये हो गया।
जानकारों के अनुसार एलपीजी सप्लाई में आई बाधा की एक बड़ी वजह मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में रुकावट है। खासतौर पर Strait of Hormuz के प्रभावित होने से गैस और तेल की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पर असर पड़ा है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से की ऊर्जा आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है।
देश के कई हिस्सों जैसे Delhi NCR, Bihar, West Bengal और Odisha में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिली हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और देश में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है।
इस बीच भारत के लिए राहत भरी खबर भी सामने आई है। एलपीजी लेकर एक जहाज 16 मार्च 2026 को Mundra Port, कच्छ पहुंचने वाला है, जबकि एक अन्य जहाज 17 मार्च को Kandla Port पहुंचेगा। एक जहाज के जरिए करीब 92,700 टन एलपीजी भारत पहुंचेगी। बंदरगाह पर गैस को पाइपलाइन के जरिए टैंकों में ट्रांसफर कर बाद में विभिन्न राज्यों में वितरण किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो एलपीजी की कीमतों और आपूर्ति पर आने वाले दिनों में और असर पड़ सकता है।
