ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की मिली भारतीय LPG जहाजों को अनुमति
India के लिए ऊर्जा आपूर्ति को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz से भारत आने वाले दो एलपीजी जहाजों को गुजरने की अनुमति मिल गई है। इससे देश में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एक कच्चे तेल का टैंकर भी जल्द भारत पहुंच सकता है। बताया जा रहा है कि यह टैंकर मार्च की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरा था और इसमें Saudi Arabia का कच्चा तेल लदा हुआ है। यदि यह जहाज तय समय पर भारत पहुंचता है, तो देश की ऊर्जा आपूर्ति को और मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में समुद्री मार्गों पर सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि युद्ध जैसे हालात के कारण कई जहाज रास्ते में ही रुक गए थे। ऐसे में किसी जहाज का सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस घटनाक्रम से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारत के झंडे वाले कई जहाज फंसे हुए थे। सरकारी जानकारी के अनुसार करीब 28 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में रुके हुए थे, जिनमें से 24 पश्चिमी हिस्से में और चार पूर्वी हिस्से में थे। राहत की बात यह रही कि इन जहाजों में से एक तेल टैंकर Jag Prakash सुरक्षित रूप से अपने रास्ते पर रवाना हो गया। यह टैंकर Sohar Port से गैसोलीन लेकर Tanga Port की ओर जा रहा था।
इस बीच देश के कई हिस्सों में रसोई गैस को लेकर चिंता का माहौल भी देखने को मिला। कई शहरों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में नजर आए। लोगों को आशंका थी कि यदि युद्ध का असर सप्लाई पर पड़ा तो गैस की कमी हो सकती है। कुछ स्थानों से गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और छोटे भोजनालयों के बंद होने की खबरें भी सामने आईं। खासतौर पर छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को ज्यादा परेशानी हुई, क्योंकि उनका कारोबार गैस सिलेंडर पर निर्भर करता है।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। Ministry of Petroleum and Natural Gas के अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और घबराकर सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक युद्ध से पहले जहां रोजाना लगभग 55 लाख बुकिंग होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 75 लाख तक पहुंच गई है, जो लोगों की घबराहट को दर्शाती है।
सरकार ने यह भी बताया कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में हाल के दिनों में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है, ताकि देश में गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
