सोनभद्र के बीएसए मुकुल आनन्द पाण्डेय राष्ट्रीय स्तर पर होंगे सम्मानित, शैक्षणिक प्रशासन में नवाचार के लिए चयन

  • रिपोर्ट: शिवेंदु श्रीवास्तव

Sonbhadra। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के लिए यह एक गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। प्रदेश के 9 नवाचारी शिक्षा अधिकारियों को शैक्षणिक प्रशासन में नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने के लिए चुना गया है।

राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान के प्रस्ताव पर शासन ने इन अधिकारियों को पुरस्कार ग्रहण करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र और सतर्कता अनापत्ति प्रदान कर दी है। इस सूची में सोनभद्र के वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय को वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान किए गए प्रशासनिक नवाचारों के लिए सम्मानित किया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले सोनभद्र में कार्यरत रहे डॉ. गोरखनाथ पटेल को भी अपने कार्यकाल में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल नवाचार सम्मान मिल चुका है।

बताया जाता है कि इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया काफी बहुस्तरीय और जटिल होती है। इसमें पहले आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाती है और उसके बाद विशेषज्ञों के समक्ष नवाचारों का प्रस्तुतीकरण कराया जाता है। जुलाई 2025 में आयोजित ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण के दौरान मुकुल आनन्द पाण्डेय ने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से विशेषज्ञों को प्रभावित किया।

जिले की ओर से प्रस्तुत निपुण भारत मिशन की मॉनिटरिंग के लिए विकसित डैशबोर्ड को एक नवाचारी और दोहराए जा सकने वाले मॉडल के रूप में सराहा गया। इस पहल का उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के अधिगम स्तर में सुधार लाना और उसकी नियमित निगरानी करना है।

इस डैशबोर्ड के निर्माण में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र सोनभद्र का तकनीकी सहयोग रहा, जबकि शिक्षक डॉ. सूर्य प्रकाश की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप निपुण छात्र मूल्यांकन परीक्षा 2024 में सोनभद्र को प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त हुआ।

इसके अलावा Sitapur के अखिलेश प्रताप सिंह, Kaushambi के डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा, Kannauj के संदीप कुमार सहित विभिन्न जिलों के खंड शिक्षा अधिकारियों का भी इस सम्मान के लिए चयन किया गया है।

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