मुंबई। बॉलीवुड के कई सुपरहिट गानों में एक खास सीटी की धुन सुनाई देती है, जो गाने को अलग पहचान देती है। यह सीटी कभी रोमांस को गहरा करती है तो कभी मस्ती और सस्पेंस का माहौल बनाती है। हालांकि दर्शक गाने के सिंगर, गीतकार और म्यूजिक डायरेक्टर को तो जानते हैं, लेकिन इस जादुई सीटी के पीछे के कलाकार के बारे में कम ही लोग जानते हैं। दरअसल, इन धुनों के पीछे मशहूर बॉलीवुड व्हिस्लर Nagesh Surve का कमाल है।
1600 से ज्यादा गानों में बजाई सीटी
नागेश सुर्वे वर्ष 1977 से फिल्मी गानों में व्हिस्लिंग कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 1600 से अधिक गानों में अपनी सीटी की धुन दी है। उनकी यह कला गानों में अलग ही मिठास और भावनात्मक गहराई जोड़ देती है। जहां प्लेबैक सिंगर्स को पहचान मिलती है, वहीं नागेश सुर्वे स्टूडियो के भीतर अपनी कला से गाने की आत्मा को और खास बना देते हैं।
‘दिल तो पागल है’ की यादगार धुन
90 के दशक की मशहूर फिल्म Dil To Pagal Hai के गानों में सुनाई देने वाली हल्की और रोमांटिक सीटी आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है। इस फिल्म का संगीत Uttam Singh ने तैयार किया था, जिसमें नागेश सुर्वे की सीटी ने गानों को खास पहचान दी।
स्टूडियो में ऐसे रिकॉर्ड होती है सीटी
बताया जाता है कि फिल्मी गानों में व्हिस्लिंग रिकॉर्ड करने के लिए स्टूडियो में अलग से सेशन रखा जाता है। कलाकार पहले धुन और गाने के मूड को समझते हैं, फिर उसी भाव के साथ सीटी रिकॉर्ड करते हैं ताकि वह सिर्फ एक आवाज न रहकर गाने की भावना बन जाए।
बचपन की शरारत से बना करियर
नागेश सुर्वे का बचपन मुंबई के Dadar, Mumbai में बीता। बचपन में वह मोहल्ले के अलग-अलग ग्रुप की सीटी की आवाजों की नकल किया करते थे। धीरे-धीरे यही शौक उनकी खास पहचान बन गया।
पिकनिक में मिला पहला मौका
कहा जाता है कि एक पिकनिक के दौरान नागेश सुर्वे सीटी बजा रहे थे। उनकी प्रतिभा सुनकर एक संगीत निर्देशक ने उन्हें फिल्म में मौका देने की पेशकश की। उन्हें पहला मौका फिल्म Julie के मशहूर गाने Dil Kya Kare में मिला। इसके बाद उनका सफर लगातार आगे बढ़ता गया।
कई सुपरहिट फिल्मों में गूंजी उनकी सीटी
नागेश सुर्वे की व्हिस्लिंग कई चर्चित फिल्मों का हिस्सा रही है, जिनमें Kuch Kuch Hota Hai, Mohabbatein, Fanaa, Dhoom 2, Munna Bhai M.B.B.S. और Barfi! जैसी फिल्में शामिल हैं।
नागेश सुर्वे की यह अनोखी कला साबित करती है कि कभी-कभी एक छोटी-सी सीटी भी पूरे गाने को यादगार बना सकती है।
