सच्चखंड श्री हरिमंदर साहिब में श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया होला महल्ला, फूलों और इत्र से महका पावन वातावरण

होली का त्योहार जहां पूरे देश में रंगों और गुलाल के साथ मनाया जाता है, वहीं सिख धर्म में इसी अवसर को होला महल्ला के रूप में श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर Sri Harmandir Sahib में एक अलौकिक और आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला, जहां गुलाब के फूलों और इत्र की खुशबू से पूरा परिसर महक उठा।

होला महल्ला के अवसर पर पालकी साहिब में विराजमान कर Guru Granth Sahib को सुख-आसन के लिए Akal Takht साहिब ले जाया गया। इस दौरान संगत ने फूलों की वर्षा की और इत्र का छिड़काव किया। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक हर आयु वर्ग की संगत इस आध्यात्मिक और भावनात्मक पल की साक्षी बनी।

उस समय ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो श्री हरिमंदर साहिब खुशबू की चादर में लिपट गया हो। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इन पावन दर्शनों को अपने जीवन का यादगार क्षण बताया। फूलों और इत्र की महक से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

वहीं Anandpur Sahib में निहंग सिंहों द्वारा किए गए पारंपरिक करतबों और युद्ध कौशल के प्रदर्शन ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। देशी ही नहीं बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी इस अद्भुत और आध्यात्मिक दृश्य को देखकर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे थे।

संगत का कहना था कि ऐसा अलौकिक और दिव्य नजारा दुनिया के किसी अन्य स्थान पर देखने को नहीं मिलता। होला महल्ला के इस पर्व ने श्रद्धा, परंपरा और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

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