पूर्व सांसद संजय भाटिया हरियाणा से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित, संगठन से संसद तक के संघर्षपूर्ण सफर को मिला सम्मान
हरियाणा, मार्च (डॉ. एम.पी. भार्गव, विशेष संवाददाता):हरियाणा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए Sanjay Bhatia को राज्य से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है। इस घोषणा को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक निष्ठा और सामाजिक योगदान का सम्मान माना जा रहा है।
हरियाणा भाजपा में संगठनात्मक रणनीति के लिए पहचाने जाने वाले संजय भाटिया को पार्टी के भीतर एक मजबूत रणनीतिकार के रूप में देखा जाता है। उन्होंने अधिकतर समय पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूत करने का कार्य किया है। लोकसभा, विधानसभा और प्रदेश में हुए कई उपचुनावों में संगठन की कमान संभालने का उनका रिकॉर्ड बेहद सफल रहा है।
करनाल लोकसभा सीट से भारी मतों से जीत दर्ज करने वाले संजय भाटिया वर्तमान में अन्य राज्यों में भी पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वे फिलहाल पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की संगठनात्मक तैयारियों से जुड़े कार्यों का भी दायित्व संभाल रहे हैं। पार्टी द्वारा उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने को अनुभव, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा को प्राथमिकता देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
संगठन से शिखर तक का सफर
29 जुलाई 1967 को पानीपत में जन्मे संजय भाटिया का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। उन्होंने Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad से जुड़कर संगठनात्मक कार्यों की शुरुआत की। 1987 में वे मंडल महासचिव बने और 1989 में मंडल अध्यक्ष का दायित्व संभाला।
इसके बाद उन्होंने Bharatiya Janata Yuva Morcha में जिला महासचिव, जिला अध्यक्ष और 1998 में प्रदेश महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वर्ष 2001 में उन्हें नगर परिषद का अध्यक्ष बनाया गया, जो उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता का प्रमाण माना गया।
भाजपा संगठन में उन्होंने मंडल अध्यक्ष, जिला महासचिव, जिला अध्यक्ष, स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक और किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जैसे अनेक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। 2015 से 2021 तक वे Bharatiya Janata Party हरियाणा के प्रदेश महासचिव भी रहे। इसके अलावा वे हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने ग्रामीण विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कीं।
2019 में ऐतिहासिक जीत
संजय भाटिया की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सामने आई, जब उन्होंने करनाल लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ते हुए भारी बहुमत से जीत दर्ज की। यह जीत हरियाणा के 53 वर्षों के राजनीतिक इतिहास में सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी गई।
संसद में वे अपनी सक्रियता, उच्च उपस्थिति और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए जाने जाते रहे। औद्योगिक विकास, किसानों के मुद्दे, युवाओं के रोजगार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों को उन्होंने लगातार संसद में उठाया।
सामाजिक सरोकारों से गहरा जुड़ाव
राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ संजय भाटिया सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता से जुड़े कई अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों और जनहित पहलों के कारण वे जनता के बीच एक सुलभ और लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित हुए हैं।
हरियाणा की आवाज को मिलेगा नया मंच
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में संजय भाटिया की उपस्थिति हरियाणा के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने में सहायक साबित होगी। उनका अनुभव, संगठनात्मक समझ और व्यापक जनसंपर्क उन्हें उच्च सदन में एक मजबूत प्रतिनिधि के रूप में स्थापित कर सकता है।
राज्यसभा उम्मीदवार घोषित होने के बाद उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। जमीनी कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता बनने तक की उनकी यात्रा को कई लोग समर्पण, सेवा और संघर्ष की प्रेरक मिसाल मानते हैं।
