ऐलनाबाद,1 मार्च (एम पी भार्गव ) सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जारी उस पत्र के खिलाफ, जिसमें कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं,उनके पक्ष में आरएमपी डॉक्टरों ने कड़ा एतराज जताया है। आयुर्वेदिक अनुभवी चिकित्सक समाज समिति के प्रदेशाध्यक्ष राजपाल वर्मा व जिला प्रधान कश्मीर सिंह करीवाला ने कहा कि बिना स्पष्ट मापदंड तय किए सभी प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों को एक ही डायरी में रखना उचित नहीं है , क्या सभी झोलाछाप डॉक्टर्स हो गए ? आरएमपी प्रतिनिधियों ने कहा कि वे वर्षों से ग्रामीण और दूर- दराज क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं,जहां सरकारी सुविधा सीमित है उनका दावा है कि वे प्राथमिक उपचार और जरूरतमंद मरीजों को तत्काल सहायता प्रदान करते हैं,ऐसे में एक तरफा कार्रवाई से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है. संगठन ने मांग की है कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि किन मानको के आधार पर कार्रवाई होगी.आरएमपी कोई झोलाछाप डॉक्टर्स नहीं होते अतः आर एम पी को इस श्रेणी में ने रखा जाए, क्यों कि जब राज्य सरकार ने इन्हें अनुभवी चिकित्सक मानते हुए अपनी स्वीकृति प्रदान कर रजिस्ट्रेशन प्रदान किया है तो यह झोलाछाप कैसे हुए ? किसी भी झोलाछाप ( बिना सरकारी रजिस्ट्रेशन वाला ) के विरुद्ध कार्रवाई से पहले नोटिस और सुनवाई का अवसर दिया जाए. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि आरएमपी संगठन की बात नहीं सुनी गई तो वह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करवाएंगे और प्रशासन से पुनर्विचार की अपील करेंगे.
