नई दिल्ली। आजकल बड़ी संख्या में लोगों में विटामिन बी की कमी देखी जा रही है। थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट, याददाश्त की समस्या या एनीमिया जैसी शिकायतों के चलते लोग विटामिन बी की टैबलेट या इंजेक्शन लेने लगते हैं। लेकिन सवाल यह है कि दोनों में से कौन-सा तरीका ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित है?
ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमोल रत्ना के अनुसार, विटामिन बी शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक पोषक तत्व है। यह शरीर को ऊर्जा देने, दिमाग और नसों को स्वस्थ रखने, खून बनाने और कोशिकाओं के सही कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्या होता है विटामिन बी कॉम्प्लेक्स?
विटामिन बी कोई एक विटामिन नहीं, बल्कि कई विटामिन्स का समूह है, जिसे विटामिन बी कॉम्प्लेक्स कहा जाता है। इसमें शामिल हैं:
विटामिन B1 (थायमिन)
विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन)
विटामिन B3 (नायसिन)
विटामिन B5
विटामिन B6
विटामिन B7 (बायोटिन)
विटामिन B9 (फोलिक एसिड)
विटामिन B12
इनका कार्य शरीर को ऊर्जा देना, नसों और दिमाग को मजबूत रखना, एनीमिया से बचाव करना तथा त्वचा, बाल और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखना है।
विटामिन बी की कमी के लक्षण
शरीर में कमी होने पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
लगातार थकान और कमजोरी
हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन
चक्कर आना
याददाश्त कमजोर होना
मुंह में छाले
खून की कमी (एनीमिया)
चलने में संतुलन की समस्या
विटामिन बी लेने के दो तरीके
1. टैबलेट/कैप्सूल
मुंह से ली जाती है
पेट और आंतों के जरिए शरीर में अवशोषित होती है
2. इंजेक्शन
मांसपेशी में लगाया जाता है
सीधे खून में मिल जाता है
अवशोषण में क्या है अंतर?
टैबलेट कैसे काम करती है?
टैबलेट पेट में जाकर आंतों से अवशोषित होती है। यदि पाचन तंत्र स्वस्थ है तो इसका असर अच्छा रहता है। लेकिन निम्न स्थितियों में असर कम हो सकता है:
पेट या आंतों की बीमारी
गैस्ट्रिक या बायपास सर्जरी
अत्यधिक शराब सेवन
विटामिन B12 के अवशोषण में बाधा (इंट्रिंसिक फैक्टर की कमी)
इंजेक्शन कैसे काम करता है?
पेट को पूरी तरह बायपास करता है
सीधे रक्त में पहुंचता है
अवशोषण लगभग 100% होता है
विटामिन B12 क्यों है सबसे ज्यादा चर्चा में?
विटामिन B12 की कमी विशेष रूप से आम है, खासकर:
शाकाहारी लोगों में
बुजुर्गों में
पेट की बीमारी वाले मरीजों में
B12 टैबलेट
हल्की कमी में प्रभावी
रोजाना लेना जरूरी
असर दिखने में समय लगता है
B12 इंजेक्शन
गंभीर कमी में आवश्यक
नसों की समस्या में जल्दी असर
हफ्ते या महीने में एक बार
यदि कमी ज्यादा हो और लक्षण स्पष्ट हों, तो इंजेक्शन बेहतर विकल्प माना जाता है।
कब जरूरी होता है इंजेक्शन?
डॉक्टर आमतौर पर इन स्थितियों में इंजेक्शन देते हैं:
अत्यधिक B12 की कमी
हाथ-पैर में सुन्नपन या झनझनाहट
गंभीर एनीमिया
पेट की सर्जरी के बाद
आंतों से अवशोषण में समस्या
पर्निशियस एनीमिया
कब पर्याप्त है टैबलेट?
हल्की कमी
सामान्य थकान
स्वस्थ पाचन तंत्र
लंबे समय तक मेंटेनेंस के लिए
फायदे और नुकसान
इंजेक्शन के फायदे
तेजी से असर
पूरा अवशोषण
नसों की बीमारी में प्रभावी
नुकसान
दर्द हो सकता है
बार-बार क्लिनिक जाना पड़ता है
टैबलेट से महंगा
बिना जरूरत अतिरिक्त लाभ नहीं
टैबलेट के फायदे
लेना आसान
किफायती
रोजमर्रा के उपयोग के लिए उपयुक्त
लंबे समय तक सुरक्षित
नुकसान
पेट की समस्या में असर कम
परिणाम आने में समय
क्या बिना जांच इंजेक्शन लेना सही है?
डॉक्टरों के अनुसार, बिना जांच के विटामिन बी इंजेक्शन लगवाना सही नहीं है। हर थकान विटामिन बी की कमी के कारण नहीं होती। अनावश्यक इंजेक्शन समय और धन दोनों की बर्बादी है।
डॉक्टर की सलाह
पहले खून की जांच कराएं
हल्की कमी में टैबलेट लें
गंभीर कमी में इंजेक्शन लें
लक्षण सुधरने के बाद टैबलेट से मेंटेनेंस करें
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