316 समूहों को मिला 4.54 करोड़ का बूस्टर डोज, डीएम ने 3500 महिलाओं को बनाया एंबेसडर
भारत गार्डन में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब, स्वावलंबन के लिए मिला करोड़ों का फंड
रामपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से बरेली रोड स्थित भारत गार्डन में एक दिवसीय विशाल कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से आई करीब 3,500 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र तथा मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
हर ग्राम पंचायत से आईं पांच महिलाएं, बनीं एंबेसडर
कार्यशाला में जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत से पांच-पांच महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। भारी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी महिलाओं को उनकी ग्राम पंचायत का “एंबेसडर” घोषित किया। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं अपने गांवों में जागरूकता चौपाल आयोजित कर अन्य महिलाओं को उनके अधिकारों और योजनाओं की जानकारी दें।
बीडीओ को ग्राम स्तर पर कार्यशाला के निर्देश
डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर भी इसी प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जाएं, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति की महिला तक पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम में वितरित बुकलेट का अध्ययन करने और हेल्पलाइन नंबरों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
316 महिला समूहों को 4.54 करोड़ रुपये का बूस्टर
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 275 सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) समूहों को 4.42 करोड़ रुपये के चेक वितरित किए गए। साथ ही 41 आरएफ (रिवॉल्विंग फंड) समूहों को 12.50 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 316 महिला समूहों को 4.54 करोड़ रुपये का आर्थिक संबल देकर स्वरोजगार की दिशा में मजबूत कदम उठाया गया।
बाल सेवा योजना के तहत 2500 रुपये प्रतिमाह
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि जिन बच्चों के माता-पिता या किसी एक अभिभावक का निधन हो गया है अथवा परिवार अत्यंत कमजोर है, ऐसे बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक 2500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं की भी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने महिलाओं से अपील की कि वे स्वयं इन योजनाओं का लाभ लें और अन्य जरूरतमंदों को भी प्रेरित करें।
विभागीय स्टॉलों पर उमड़ी भीड़
कार्यक्रम में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, व्यावसायिक शिक्षा, पुलिस और पंचायती राज विभाग द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां महिलाओं को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
उत्कृष्ट नारी शक्ति और अधिकारियों का सम्मान
कार्यशाला में हाईटेक तकनीक से मशरूम उत्पादन कर रहीं कृषक रचना चौहान को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही लाभार्थी सीमा, शरमीन और फूलवती को फैमिली आईडी कार्ड प्रदान किए गए।
महिलाओं और बच्चों के कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी ईरा आर्या, वन स्टॉप सेंटर की संचालक चांद बी तथा एसओ निशा सिंह को भी सम्मानित किया गया।
यह आयोजन न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ, बल्कि जनपद में आत्मनिर्भरता और जागरूकता की नई अलख भी जगा गया।
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