हरिद्वार में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का उपवास, यूजीसी एक्ट के विरोध में धर्माचार्यों से की अपील

हरिद्वार,  फरवरी 2026। मां गंगा के तट स्थित सर्वानंद घाट पर शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने यूजीसी एक्ट के विरोध में एक दिवसीय उपवास किया। इस दौरान उन्होंने संत समाज और हिन्दू धर्माचार्यों से इस विषय पर खुलकर अपनी बात रखने की अपील की।

महामंडलेश्वर के साथ विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक डॉ. उदिता त्यागी तथा उनके शिष्य यति रामस्वरूपानंद गिरी, यति रणसिंहानंद गिरी, यति अभयानंद गिरी, यति परमात्मानंद गिरी, योगी सरोजनाथ और पंडित सुनील दत्त शर्मा भी मौजूद रहे।

उपवास के बाद जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एक्ट को लेकर अपनी आपत्तियां व्यक्त कीं और धर्माचार्यों से इसे लेकर विरोध दर्ज कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह विषय सनातन परंपराओं और समाज के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर व्यापक चर्चा और स्पष्ट रुख जरूरी है।

महामंडलेश्वर ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का भी उल्लेख करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उनके इन बयानों को लेकर संत समाज और आमजन के बीच चर्चा शुरू हो गई है।

उन्होंने धर्माचार्यों से अपील की कि वे सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर मौन न रहें और समाज के हित में अपनी भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान संतों और श्रद्धालुओं ने भी उनकी बातों को सुना।

इस घटनाक्रम के बाद यूजीसी एक्ट और उससे जुड़े प्रावधानों को लेकर धार्मिक और सामाजिक संगठनों में बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

 

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