अलवर। राजस्थान के अलवर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भिवाड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार को एक गैर-कानूनी पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से कम से कम आठ मजदूर जिंदा जल गए। घटना के समय फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर मौजूद थे। आशंका है कि दो अन्य मजदूर अब भी अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
धमाके के बाद लगी आग
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री के भीतर बड़ी मात्रा में रखे बारूद और कार्डबोर्ड के स्टॉक में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के दौरान तीन से चार तेज धमाके सुने गए, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
एहतियात के तौर पर आसपास की फैक्ट्रियों को खाली करा लिया गया और कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति भी रोक दी गई। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि कूलिंग ऑपरेशन देर तक चलता रहा।
प्रशासन और पुलिस का बयान
भिवाड़ी की अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) सुमित्रा मिश्रा ने बताया कि पुलिस पेट्रोलिंग टीम ने सबसे पहले फैक्ट्री से धुआं उठता देखा और तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। आधा दर्जन फायर टेंडर मौके पर पहुंचाए गए। अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। मृतक मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं।
फायर स्टेशन इंचार्ज राजू खान के अनुसार, प्लॉट नंबर G-1, 118 पर स्थित यह फैक्ट्री कई महीनों से बंद पड़ी थी। अंदर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। सोमवार सुबह करीब 10 बजे धुआं उठता देखा गया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया।
जांच के आदेश
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। फैक्ट्री के किरायेदार द्वारा कथित रूप से अवैध रूप से पटाखा निर्माण किए जाने की भी जांच की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और सर्च ऑपरेशन जारी है।
इस दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं और अवैध फैक्ट्रियों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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