एटा:- ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत शनिवार को हिरौदी उपकेंद्र पर क्षेत्र के लगभग 12 गांवों के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण राज्य सरकार एवं नीति आयोग द्वारा निर्धारित आकांक्षी कार्यक्रम के 50 के०पी०आई० आधारित रहा था । जिसमें स्वास्थ्य एवं पोषण के 17 प्रमुख मानकों पर गहनता से प्रशिक्षित किया गया, जिसमें आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम तथा सीएचओ ने सहभागिता की।
उक्त स्वास्थ्यकर्मी क्षेत्र की 12,000 से अधिक आबादी को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार, सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करना तथा विकसित एवं स्वस्थ ग्रामों की स्थापना सुनिश्चित करना रहा।
यह प्रशिक्षण डॉ. दिनेश कुमार, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फेलो द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण की संपूर्ण संरचना नीति-आधारित एवं परिणामोन्मुख दृष्टिकोण पर आधारित रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतियों की वास्तविक सफलता जमीनी स्तर पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही सुनिश्चित होती है, विशेषकर स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में।
प्रशिक्षण के आयोजन एवं क्रियान्वयन में सीएचओ सोनवीर बघेल तथा एएनएम अनुराधा पाल का सक्रिय एवं सराहनीय सहयोग रहा, जिससे प्रशिक्षण को व्यवहारिक, सहभागी और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सका।
प्रशिक्षण के दौरान गर्भधारण से पूर्व परामर्श, दंपति चिन्हीकरण, गर्भावस्था की सतत निगरानी, प्रसव योजना निर्माण, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की एनसीडी स्क्रीनिंग, क्षय रोग की शीघ्र पहचान, तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों हेतु निःशुल्क आयुष्मान कार्ड के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि विकास खंड सकीट उत्तर प्रदेश का प्रथम विकास खंड है, जिसने गरिमापूर्ण जांच व्यवस्था को वर्ष 2023 में पूर्ण रूप से लागू किया। इसके पश्चात यूनिसेफ (UNICEF) के सहयोग से इस मॉडल को पूरे प्रदेश में अपनाया गया।
साथ ही डिजिटल हीमोग्लोबिन जांच, प्रशिक्षण का डिजिटलीकरण, तथा हेल्थ एटीएम की स्थापना विकास खंड सकीट में दिसंबर 2022 में पहली बार क्रियाशील की गई थी। यह पहल तकनीक-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और नवाचार की दिशा में एक उल्लेखनीय उदाहरण के रूप में स्थापित हुई है।
प्रशिक्षण में आभा कार्ड से प्राप्त होने वाले लाभों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई, जो डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी पहल है।
