फरवरी। सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर कांग्रेस के पीसीसी सदस्य एवं जिला उपाध्यक्ष चौधरी वफाती मियां ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बजट एक थकी हुई और रिटायर हो चुकी सरकार का बजट है, जिसमें न तो गरीबों के लिए कोई ठोस प्रावधान है और न ही युवाओं के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट नीति दिखाई देती है।
चौधरी वफाती मियां ने कहा कि सरकार पहले तो धन आवंटित ही नहीं करना चाहती और जो बजट मिलता भी है, उसे समय पर खर्च नहीं किया जाता। इस बजट में महंगाई कैसे कम होगी और रोजगार कैसे पैदा होंगे, इस पर कहीं भी कोई ठोस उल्लेख नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का समाधान देने के बजाय कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि देश पर बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने के लिए भी बजट में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया है। शिक्षित युवाओं में फैली व्यापक बेरोजगारी को लेकर भी बजट पूरी तरह मौन है। इसके साथ ही एससी, एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए किसी भी प्रकार की सहायता या विशेष प्रावधान नहीं किए गए हैं।
चौधरी वफाती मियां ने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय जैसे जरूरी क्षेत्रों के लिए आवंटित बजट को भी पूरी तरह खर्च नहीं किया, और इस बार तो शिक्षा का बजट ही घटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य और छात्रों की छात्रवृत्ति पर विशेष ध्यान देती थीं, लेकिन इस बार वित्त मंत्री ने अपने भाषण में स्कूलों का उल्लेख तक नहीं किया।
उन्होंने आगे कहा कि बजट की घोषणा के बाद शेयर बाजार में गिरावट आई है, जो सरकार की नीतियों पर बढ़ते अविश्वास को दर्शाता है। मोदी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा तो देती है, लेकिन आम लोगों की भलाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
अंत में चौधरी वफाती मियां ने कहा कि बजट में न महंगाई कम करने की दिशा दिखाई देती है और न ही रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट योजना है। इसलिए वह इस बजट को पूरी तरह खारिज करते हैं, क्योंकि यह आम जनता के हित में नहीं है।
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