लखीसराय(सरफराज आलम)भोजपुर के चर्चित निजी शिक्षक कमलेश राय अपहरण मामले ने अब एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस सनसनीखेज कांड में लखीसराय में पदस्थापित महिला दारोगा अंजली कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। पटना हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद तेज़ हुई सीबीआई जांच में उनके खिलाफ ऐसे तकनीकी साक्ष्य सामने आए, जिन्होंने पूरी जांच की दिशा ही बदल दी।
वर्ष 2019 बैच की पुलिस अधिकारी अंजली कुमारी पर आरोप है कि उन्होंने अपहरण से जुड़े अहम सबूतों को दबाने की कोशिश की और जानबूझकर जांच को गुमराह करने का प्रयास किया। गिरफ्तारी के साथ ही उन्हें निलंबित कर दिया गया है, वहीं विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
दरअसल, यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित कोल्हरामपुर गांव निवासी शिक्षक कमलेश राय अचानक लापता हो गए थे। कमलेश राय आरा में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ाते थे। परिजनों के मुताबिक, वे एक रिश्तेदार के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और वे रहस्यमय ढंग से गायब हो गए।
स्थानीय पुलिस की जांच से असंतुष्ट परिजनों ने पटना हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। अदालत के हस्तक्षेप के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया, जिसके बाद जांच ने रफ्तार पकड़ी।
सीबीआई इस केस में पहले ही मुख्य आरोपी रूपेश कुमार चौबे को गिरफ्तार कर चुकी है। उससे पूछताछ और डिजिटल डाटा के विश्लेषण के दौरान महिला दारोगा की भूमिका संदेह के घेरे में आई। जांच एजेंसी के हाथ कुछ अहम ऑडियो क्लिप और अन्य डिजिटल सबूत लगे हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच फिलहाल जारी है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई अब शिक्षक कमलेश राय की बरामदगी को लेकर बेहद गंभीर है। आसपास के जिलों में मिले अज्ञात शवों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और हर कड़ी को आपस में जोड़ा जा रहा है।
महिला दारोगा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
