What is THAAD Air Defense System: मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर THAAD की तैनाती, ईरान को कड़ा संदेश

नई दिल्ली।अमेरिका ने भले ही ईरान पर खुले तौर पर हमला करने की धमकियों को फिलहाल विराम दे दिया हो, लेकिन मध्य पूर्व में उसकी सैन्य गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह करने की धमकियों के बाद अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में स्थित अपने कई मिलिट्री बेस पर अत्याधुनिक THAAD एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करना शुरू कर दिया है।

बीते कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की लपटें भले ही सतह पर कम दिख रही हों, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं माने जा सकते। ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के बीच समन्वय की कमान संभाल रहे अली अब्गोल्लाही ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो मध्य पूर्व में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जाएगा। इस चेतावनी के बाद अमेरिका ने तेजी से जॉर्डन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपने सैन्य ठिकानों पर THAAD एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं।

क्या है THAAD एयर डिफेंस सिस्टम
THAAD यानी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस दुनिया के सबसे उन्नत एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है। यह ‘हिट टू किल’ तकनीक पर आधारित है, जिसमें दुश्मन की मिसाइल को विस्फोटकों से नहीं बल्कि तेज गति से सीधे टकराकर नष्ट किया जाता है। यह सिस्टम शॉर्ट, मीडियम और इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके अंतिम चरण में मार गिराने में सक्षम है। THAAD का शक्तिशाली रडार सैकड़ों किलोमीटर दूर से ही मिसाइल को ट्रैक कर सकता है।

खाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे अमेरिकी युद्धपोत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संकेतों के मुताबिक, एक विशाल अमेरिकी सैन्य बेड़ा खाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। इसमें USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप शामिल है, जो पहले दक्षिण चीन सागर में तैनात था। इसके साथ अर्ले बर्क-क्लास डिस्ट्रॉयर भी हैं, जो टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस हैं। इन मिसाइलों को F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स का समर्थन मिलेगा, जो ईरान के रडार सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हैं।

ईरान-अमेरिका तनाव में THAAD की भूमिका
ईरान के पास मध्य पूर्व का सबसे बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल जखीरा माना जाता है। हालिया संघर्षों में ईरान ने फतह-1 जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलों के इस्तेमाल का दावा भी किया है। ऐसे में THAAD की तैनाती केवल रक्षा कवच नहीं, बल्कि ईरान के लिए एक स्पष्ट और सख्त संदेश भी है। इजरायल के पास पहले से ही आयरन डोम और एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं, जबकि THAAD ऊपरी वायुमंडल में मिसाइलों को रोकने की अतिरिक्त क्षमता प्रदान करता है।

सीमाएं और वैश्विक चिंता
हालांकि THAAD को एक गेम-चेंजर माना जाता है, लेकिन इसकी सीमाएं भी हैं। ईरान का दावा है कि बड़ी संख्या में मिसाइलें एक साथ दागकर किसी भी डिफेंस सिस्टम को भेदा जा सकता है। इसके अलावा, रूस और चीन जैसे देश भी THAAD की तैनाती को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि इसके शक्तिशाली रडार से उनके हवाई क्षेत्र की निगरानी होने की आशंका जताई जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव केवल हथियारों का नहीं, बल्कि तकनीक और कूटनीति का भी युद्ध है। THAAD की मौजूदगी यह संकेत देती है कि अमेरिका हर परिस्थिति के लिए तैयार है, जबकि ईरान भी संभावित रूप से ड्रोन हमलों और वैकल्पिक रणनीतियों पर विचार कर सकता है। यह संघर्ष आने वाले समय में किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

 

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