देश के प्रमुख मिलिट्री म्यूजियम: जहां बहादुर सैनिकों की वीरगाथाएं और सैन्य शक्ति के प्रमाण देखने को मिलते हैं

नई दिल्ली। देशभर में गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य ताकत और शौर्य का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलता है। यदि आपको भारतीय सेनाओं की वीरगाथाएं, युद्धों का इतिहास और सैनिकों द्वारा उपयोग किए गए हथियार आकर्षित करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध मिलिट्री म्यूजियम हैं, जहां देश के बहादुर सैनिकों की असाधारण वीरता और सैन्य विरासत को करीब से देखा जा सकता है। छुट्टियों में कुछ अलग और प्रेरणादायक अनुभव लेना चाहते हैं, तो इन जगहों की यात्रा की जा सकती है।

आर्मी हेरिटेज म्यूज़ियम, शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के एनाडेल क्षेत्र में स्थित आर्मी हेरिटेज म्यूज़ियम भारत की समृद्ध सैन्य विरासत को दर्शाता है। यहां पुरानी बंदूकें, गोला-बारूद, विभिन्न कालखंडों की सैन्य यूनिफॉर्म और वीर सैनिकों को मिले पदक प्रदर्शित हैं। यह म्यूज़ियम भारतीय योद्धाओं के जीवन और उनके योगदान को समझने का अवसर देता है।

जैसलमेर युद्ध संग्रहालय, राजस्थान
जैसलमेर–जोधपुर हाईवे पर स्थित यह युद्ध संग्रहालय रेगिस्तानी युद्धों की याद दिलाता है। यहां 1965 और 1971 के भारत–पाक युद्धों में कब्जे में लिए गए पाकिस्तानी टैंक और तोपें प्रदर्शित की गई हैं। इसके साथ ही लोंगेवाला की ऐतिहासिक लड़ाई से जुड़ी सामग्री भी यहां देखी जा सकती है। संग्रहालय में प्रवेश करते ही देशभक्ति और रोमांच का अनुभव होता है।

कैवलरी टैंक म्यूज़ियम, अहमदनगर
महाराष्ट्र के अहमदनगर में स्थित कैवलरी टैंक म्यूज़ियम एशिया का अपनी तरह का एकमात्र संग्रहालय है। फरवरी 1994 में आर्म्ड कॉर्प्स सेंटर और स्कूल द्वारा स्थापित यह म्यूज़ियम बख्तरबंद युद्ध के इतिहास की अनोखी झलक पेश करता है। यहां शुरुआती रोल्स-रॉयस बख्तरबंद कारों से लेकर द्वितीय विश्व युद्ध की क्लासिक गाड़ियां और आधुनिक युद्धक टैंक तक देखे जा सकते हैं।

इंडियन एयर फ़ोर्स हेरिटेज म्यूज़ियम, चंडीगढ़
चंडीगढ़ में स्थित इंडियन एयर फ़ोर्स हेरिटेज म्यूज़ियम भारतीय वायुसेना के इतिहास और योगदान को दर्शाने वाला नया आकर्षण है। यहां सेवानिवृत्त विमानों, फाइटर जेट्स के स्केल मॉडल और 1947 से अब तक हुए विभिन्न संघर्षों में वायुसेना की भूमिका से जुड़ी जानकारियां मिलती हैं।

हॉल ऑफ फ़ेम, लेह (लद्दाख)
लेह–कारगिल रोड पर स्थित दो मंज़िला हॉल ऑफ फ़ेम म्यूज़ियम और स्मारक कारगिल और सियाचिन की दुर्गम ऊंचाइयों पर शहीद हुए वीर सैनिकों को समर्पित है। विजय गैलरी में 1999 के कारगिल युद्ध में इस्तेमाल किए गए हथियार और उपकरण प्रदर्शित हैं। भारतीय सेना द्वारा निर्मित और संचालित यह म्यूज़ियम भारत–पाक युद्धों में शहीद जवानों की याद में बनाया गया है। यहां एक 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म भी दिखाई जाती है, जिसमें कारगिल युद्ध की झलक देखने को मिलती है।

इन मिलिट्री म्यूजियमों की यात्रा न केवल रोमांचक अनुभव देती है, बल्कि देश के प्रति गर्व और सैनिकों के बलिदान के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करती है।

 

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