शादियों में IV ड्रिप का बढ़ता ट्रेंड: फैशन या सेहत से खिलवाड़? जानिए कितना है सुरक्षित

आज के दौर में शादियां केवल रस्मों और उत्सव तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि नए-नए ट्रेंड्स का मंच बन गई हैं। कभी डेजर्ट टेबल, कॉकटेल बार और फोटो बूथ शादियों की शान हुआ करते थे, लेकिन अब एक नया और चौंकाने वाला ट्रेंड तेजी से उभर रहा है—IV ड्रिप थेरेपी। सोशल मीडिया रील्स से लेकर सेलिब्रिटीज तक, हर जगह इसका प्रचार देखने को मिल रहा है। सवाल यह है कि क्या यह ट्रेंड वाकई सुरक्षित है या सिर्फ दिखावे की सेहत है?

क्या है IV ड्रिप थेरेपी?

IV ड्रिप थेरेपी में हाथ की नस में एक छोटी सुई (कैनुला) लगाकर सीधे शरीर में फ्लूइड्स, विटामिन्स और मिनरल्स पहुंचाए जाते हैं। दावा किया जाता है कि इससे तुरंत एनर्जी मिलती है, स्किन ग्लो करती है, हैंगओवर दूर होता है और पार्टी के बाद रिकवरी तेज होती है। इसी वजह से इसे ‘मॉडर्न सेल्फ-केयर’ और ‘प्रीमियम वेलनेस’ का नाम दिया जा रहा है।

शादियों में मेहंदी की जगह IV कैनुला

कई हाई-प्रोफाइल शादियों में अब पूल साइड या मेहंदी स्टेज के पास IV ड्रिप काउंटर लगाए जा रहे हैं। मेहमान डांस के बीच ‘हाइड्रेशन बूस्ट’ लेते हैं या अगले दिन हैंगओवर से राहत के लिए IV ड्रिप लगवाते हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह एक मेडिकल प्रोसीजर है, जिसे नॉन-मेडिकल सेटिंग में नॉर्मलाइज किया जा रहा है।

कैसे काम करती है IV ड्रिप?

IV ड्रिप में ऊपर लटके बैग से फ्लूइड्स और न्यूट्रिएंट्स धीरे-धीरे सीधे खून में जाते हैं। लोगों का मानना है कि गोली या जूस लेने पर 30–50% पोषक तत्व ही शरीर में अवशोषित हो पाते हैं, जबकि IV से लगभग 100% न्यूट्रिएंट्स शरीर तक पहुंचते हैं। एक सेशन आमतौर पर 30 मिनट से 1 घंटे तक चलता है।

बताए जा रहे फायदे

तुरंत एनर्जी और हाइड्रेशन

स्किन ग्लो और एंटी-एजिंग प्रभाव

इम्यूनिटी बूस्ट

हैंगओवर से राहत

वेट लॉस और मेटाबॉलिज्म सपोर्ट

मसल पेन और थकान में कमी

गोली बनाम IV ड्रिप

गोली या सप्लीमेंट लेने पर पोषक तत्वों का कुछ हिस्सा ही शरीर में जाता है, जबकि IV ड्रिप सीधे ब्लडस्ट्रीम में पहुंचती है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक यह तरीका हर किसी के लिए जरूरी या सुरक्षित नहीं है।

क्या है सही प्रोसीजर?

IV ड्रिप लेने से पहले डॉक्टर द्वारा मेडिकल हिस्ट्री और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट किए जाते हैं। व्यक्ति की जरूरत के अनुसार ड्रिप चुनी जाती है और सेशन पूरा किया जाता है। यह प्रक्रिया केवल डॉक्टर की सलाह पर ही होनी चाहिए।

IV ड्रिप के बाद किन बातों का रखें ध्यान?

पर्याप्त पानी पिएं

7–8 घंटे की नींद लें

चल रही दवाओं की जानकारी डॉक्टर को दें

भारी काम से बचें

क्या IV ड्रिप सुरक्षित है?

अगर यह प्रक्रिया अनुभवी डॉक्टर और साफ-सुथरे क्लिनिक में कराई जाए तो अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन गलत जगह कराने पर कई जोखिम हो सकते हैं—

इंजेक्शन साइट पर दर्द, सूजन या संक्रमण

एलर्जी की आशंका

ज्यादा फ्लूइड से सिरदर्द, उल्टी या दिल पर दबाव

इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन

किन लोगों को विशेष सावधानी चाहिए?

गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं

एलर्जी या किडनी रोग से ग्रस्त लोग

दिल के मरीज

ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले

डॉक्टरों की चेतावनी

नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. बृज वल्लभ शर्मा के अनुसार, IV थेरेपी खास मेडिकल कंडीशन्स के लिए होती है, जब शरीर मुंह से फ्लूइड्स या न्यूट्रिएंट्स नहीं ले पाता। बिना क्लिनिकल जरूरत के हेल्दी लोगों को IV देना केयर और कॉस्मेटिक वेलनेस के बीच की रेखा को धुंधला करता है।
हैंगओवर IV ड्रिप अल्कोहल को न्यूट्रलाइज नहीं करती, न ही लीवर को सुरक्षित करती है—यह केवल लक्षणों को अस्थायी रूप से कम करती है।

 

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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

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