Nuclear Bomb Test: न्यूक्लियर वेपन टेस्ट से दुनिया में 40 लाख लोगों की समय से पहले मौत, रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा
परमाणु बम का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में तबाही और लाखों मौतों की तस्वीर उभरती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि परमाणु हथियारों के परीक्षण भी इंसानों के लिए उतने ही घातक साबित हुए हैं। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब तक हुए न्यूक्लियर वेपन टेस्ट की वजह से दुनिया भर में करीब 40 लाख लोगों की समय से पहले मौत हो चुकी है।
किसने किया यह शोध
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह शोध नॉर्वेजियन पीपल्स एड (NPA) द्वारा किया गया है। रिपोर्ट में वर्ष 1945 से अब तक हुए परमाणु हथियार परीक्षणों की उस खतरनाक विरासत को उजागर किया गया है, जो आज भी लोगों को बीमार कर रही है और जानें ले रही है।
कैसे हो रहे हैं लोग बीमार
रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूक्लियर वेपन टेस्टिंग का असर दुनिया के लगभग हर इंसान पर पड़ा है। समय के साथ रेडिएशन एक्सपोजर के कारण कैंसर और कई गंभीर बीमारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में रेडिएशन को डीएनए डैमेज से जोड़ने वाले मजबूत वैज्ञानिक प्रमाणों का जिक्र किया गया है। इसके अलावा, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों और जेनेटिक प्रभावों का खतरा भी बढ़ा है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता
NPA के चीफ रेमंड जोहानसन ने कहा कि पुराने न्यूक्लियर टेस्ट आज भी जानलेवा साबित हो रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह रिपोर्ट भविष्य में परमाणु हथियारों के परीक्षण और इस्तेमाल को रोकने के प्रयासों को और मजबूत करेगी।
रिपोर्ट की सह-लेखक और यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना की एंथ्रोपोलॉजी प्रोफेसर मैग्डेलेना स्टॉकोव्स्की ने कहा, “आज जीवित हर इंसान अपनी हड्डियों में एटमॉस्फेरिक टेस्टिंग से निकले रेडियोएक्टिव आइसोटोप्स को ढो रहा है।”
डराने वाले अनुभव
37 वर्षीय ताहिती की पार्लियामेंटेरियन हिनामोरा क्रॉस ने बताया कि जब फ्रांस ने 1996 में फ्रेंच पोलिनेशिया में उनके घर के पास अपना आखिरी न्यूक्लियर धमाका किया, तब वह सिर्फ सात साल की थीं। सत्रह साल बाद उन्हें ल्यूकेमिया हो गया। उनके परिवार में दादी, मां और चाची पहले से ही थायरॉइड कैंसर से पीड़ित थीं।
कितने परमाणु धमाके हो चुके हैं
रिपोर्ट के अनुसार, 1945 से 2017 के बीच दुनिया भर में 2,400 से ज्यादा न्यूक्लियर डिवाइस का परीक्षण किया गया।
इन देशों के पास हैं परमाणु हथियार
वर्तमान में नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं—
रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, पाकिस्तान, भारत, इजरायल और उत्तर कोरिया।
यह रिपोर्ट एक बार फिर परमाणु हथियारों और उनके परीक्षणों से होने वाले दीर्घकालिक खतरों की ओर दुनिया का ध्यान खींचती है।
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