मुंबई।महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के लिए 15 जनवरी को मतदान हुआ था, जबकि 16 जनवरी को मतगणना संपन्न हुई। सबसे अहम बीएमसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (शिंदे गुट) के गठबंधन महायुति ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। अब सबकी निगाहें मुंबई के अगले मेयर के चुनाव पर टिकी हैं, जो जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, मेयर का चुनाव 28 जनवरी को कराया जा सकता है।
मेयर चुनाव की प्रक्रिया शहरी विकास विभाग द्वारा मेयर पद की आरक्षण श्रेणी तय करने के लिए लॉटरी निकालने से शुरू होगी। यह पद सामान्य वर्ग, महिला या आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित किया जा सकता है। आरक्षण की घोषणा के बाद ही योग्य पार्षद अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
मुंबई का मेयर बीएमसी सदन के भीतर पार्षदों द्वारा चुना जाता है। इसके लिए एक विशेष बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें सभी निर्वाचित पार्षद मतदान करते हैं। जिस उम्मीदवार को सर्वाधिक वोट प्राप्त होते हैं, उसे मेयर घोषित किया जाता है। इसी तरह डिप्टी मेयर का चुनाव भी किया जाता है। कानून के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी को स्वतः मेयर पद नहीं मिलता, बल्कि साधारण बहुमत से फैसला होता है। यदि किसी दल के पास स्पष्ट बहुमत न हो, तो गठबंधन और चुनाव बाद की राजनीतिक समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं।
गौरतलब है कि मार्च 2023 में मुंबई नगर निगम अधिनियम में संशोधन के बाद अब सदन में 10 नामित कॉर्पोरेटर भी शामिल हैं, जबकि पहले यह संख्या 5 थी। माना जा रहा है कि सबसे बड़ी पार्टी को नामित पार्षदों का समर्थन मिलने से उसके वोटों की संख्या और मजबूत हो सकती है।
बीएमसी की कुल 227 सीटों में महायुति ने 118 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। इनमें भाजपा ने 89 सीटें और शिवसेना (शिंदे गुट) ने 29 सीटें प्राप्त की हैं। इस जीत के साथ ही महायुति ने लगभग तीन दशकों से चली आ रही शिवसेना (यूबीटी) के एकछत्र शासन का अंत कर दिया है। राज्य के अन्य नगर निगमों में भी भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है।
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