निपाह वायरस का खतरा: पश्चिम बंगाल में मिले दो मामले, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

निपाह वायरस कोई सामान्य बीमारी नहीं बल्कि एक बेहद जानलेवा संक्रमण है। एक बार फिर इस खतरनाक वायरस ने दस्तक दी है। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से जुड़े दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। ऐसे में आम लोगों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर लक्षण पहचानकर इलाज शुरू किया जाए तो जान बचाई जा सकती है।

क्या है निपाह वायरस

निपाह वायरस (Nipah Virus) एक दुर्लभ लेकिन घातक वायरस है, जो मुख्य रूप से चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। इसके अलावा यह संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण फैला सकता है। यही वजह है कि इसके फैलने का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

निपाह वायरस के लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार, निपाह वायरस के शुरुआती लक्षण संक्रमण के 3 से 14 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं। कुछ मामलों में ये लक्षण 2 महीने तक बाद में भी सामने आ सकते हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में दो सप्ताह के भीतर लक्षण नजर आने लगते हैं। शुरुआत में ये फ्लू जैसे होते हैं, लेकिन जल्दी ही गंभीर रूप ले सकते हैं।

शुरुआती लक्षण:

तेज बुखार (अक्सर 103 से 105 डिग्री फ़ारेनहाइट तक)

तेज और लगातार सिरदर्द

खांसी और गले में खराश

सांस लेने में परेशानी

मांसपेशियों में दर्द

उल्टी या मतली

अत्यधिक थकान और कमजोरी

गंभीर लक्षण

संक्रमण बढ़ने पर मरीज में एन्सेफलाइटिस यानी मस्तिष्क में सूजन की समस्या हो सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।

गंभीर लक्षणों में शामिल हैं:

भ्रम की स्थिति, व्यक्ति को जगह और लोगों को पहचानने में परेशानी

अत्यधिक सुस्ती

बोलने में लड़खड़ाहट

दौरे पड़ना

मस्तिष्क में सूजन

24 से 48 घंटों में कोमा की स्थिति

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेज बुखार के साथ लगातार सिरदर्द, भ्रम या मानसिक उलझन महसूस हो तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

निपाह वायरस से बचाव के उपाय

चमगादड़ों वाले इलाकों में खजूर का कच्चा रस न पिएं

जमीन पर गिरे फल खाने से बचें

हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोते रहें

साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें

बाहर जाते समय मास्क का उपयोग करें

संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें

संक्रमित जानवरों, जैसे चमगादड़ या सुअर, के सीधे संपर्क से बचें

चमगादड़ों द्वारा दूषित हो सकने वाली वस्तुओं को न छुएं

निपाह से संक्रमित व्यक्ति के रक्त या शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से बचें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सावधानी ही निपाह वायरस से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। समय पर पहचान और सही कदम उठाकर इस घातक बीमारी से बचा जा सकता है।

 

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