नई दिल्ली। जनवरी 2026 की सर्दी अपने सबसे कठोर दौर में पहुंच गई है। 15 जनवरी की सुबह उत्तर भारत के करोड़ों लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुई। भीषण शीतलहर, हाड़ कंपा देने वाली ठंड और घने कोहरे के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। कई इलाकों में दृश्यता घटकर शून्य से 50 मीटर तक सिमट गई।
दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और राजस्थान तक उत्तर भारत एक सफेद कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। इसका सबसे अधिक असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई एयरपोर्ट्स पर दर्जनों उड़ानें प्रभावित हुईं। वहीं, लंबी दूरी की ट्रेनें 5 से 10 घंटे की देरी से चलीं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन रेंगते दिखे और कई स्थानों से सड़क हादसों की खबरें भी सामने आईं।
दिल्ली-एनसीआर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड
राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार 16 जनवरी तक दिल्ली के कुछ हिस्सों में शीतलहर जारी रहने की संभावना है। 17 जनवरी से तापमान में 3 से 5 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यह राहत अल्पकालिक होगी। 18 और 19 जनवरी को गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और गलन फिर बढ़ सकती है।
यूपी, बिहार और राजस्थान का हाल
उत्तर प्रदेश और बिहार में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। लखनऊ, कानपुर समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। पश्चिमी यूपी में दिन के समय भी इतना घना कोहरा छाया रहा कि वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
बिहार के पटना और गया में तापमान 6 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। पछुआ हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ गई है। उधर, राजस्थान के कई हिस्सों में पाला गिरने की आशंका जताई गई है, जिससे किसानों की फसलें प्रभावित होने का खतरा है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय करने की सलाह दी है।
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