ऐलनाबाद, 15 जनवरी (एम. पी. भार्गव)। भ्रष्टाचार हमेशा अज्ञानता के अंधेरे में फलता-फूलता है। जब किसी व्यक्ति को अपने कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों एवं सरकारी प्रक्रियाओं की सही जानकारी नहीं होती, तब वह आसानी से भ्रष्टाचार का शिकार बन जाता है। यह विचार वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र सिंह भादू ने ऐलनाबाद खंड के गांव कुत्ताबढ़ स्थित ग्रामीण सचिवालय में व्यक्त किए।
सब-डिवीजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आशीष आर्य के तत्वावधान में सब-डिवीजनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा संचालित विलेज लीगल केयर एंड सपोर्ट सेंटर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीण युवाओं को संबोधित किया। एडवोकेट भादू ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी राष्ट्र की प्रगति को दीमक की तरह अंदर से खोखला कर देता है। इसे समाप्त करने के लिए केवल कड़े कानून ही नहीं, बल्कि आम नागरिक का कानूनी रूप से साक्षर और जागरूक होना भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जब नागरिकों को अपने अधिकारों, सरकारी सेवाओं की निर्धारित प्रक्रिया, शुल्क और समय-सीमा की जानकारी होती है, तो बिचौलियों और भ्रष्ट तत्वों की भूमिका स्वतः समाप्त हो जाती है। डिजिटल सेवाओं और कानून की जानकारी से व्यक्ति सीधे व्यवस्था से जुड़ता है, जिससे रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी पर प्रभावी रोक लगती है।
एडवोकेट भादू ने कहा कि कानून से परिचित व्यक्ति को डराना आसान नहीं होता और वह भ्रष्टाचार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का साहस रखता है। कानूनी जागरूकता ही न्याय के शासन की आधारशिला है। जब समाज का प्रत्येक वर्ग कानून से सशक्त होगा, तभी एक पारदर्शी, न्यायपूर्ण और समृद्ध भारत का निर्माण संभव हो सकेगा।
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