अमृतसर।देशभर में आज लोहड़ी का पर्व श्रद्धा, प्रेम और भाईचारे की भावना के साथ हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। सर्दी के मौसम के अंत और नई फसल के स्वागत का प्रतीक यह त्योहार लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का संदेश देता है। जगह-जगह लोहड़ी की आग जलाकर, पारंपरिक गीत गाकर और आपस में खुशियां बांटकर पर्व मनाया गया।
अमृतसर के ऐतिहासिक कंपनी बाग में कंपनी बाग एसोसिएशन द्वारा सुबह लोहड़ी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन के सदस्यों ने लोहड़ी की आग जलाकर उसमें रेवड़ी, मूंगफली, तिल, मक्की के दाने और गज्जक अर्पित किए तथा प्रसाद स्वरूप इन्हें एक-दूसरे में बांटा। कार्यक्रम के दौरान “सुंदर मुंदरिए हो” जैसे पारंपरिक गीत गाए गए और ढोल की थाप पर भांगड़ा डालकर माहौल को उल्लासमय बना दिया गया। आग के चारों ओर घूमते हुए भांगड़ा और गिद्धा डालते सदस्यों ने पूरे वातावरण को खुशियों से भर दिया।
इस अवसर पर एसोसिएशन के सदस्यों ने देशवासियों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और आपसी सौहार्द के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि पतंगबाजी के दौरान चाइना डोर का पूरी तरह त्याग करें और केवल साधारण सूती डोर का ही प्रयोग करें। उनका कहना था कि चाइना डोर से अब तक कई कीमती जानें जा चुकी हैं और यह पक्षियों के लिए भी बेहद घातक साबित हो रही है, जिससे आसमान में पक्षियों की संख्या कम होती जा रही है।
एसोसिएशन के सदस्यों ने यह भी कहा कि त्योहार के दौरान शराब पीकर हुड़दंग और लड़ाई-झगड़े करना लोहड़ी की भावना के विपरीत है। लोहड़ी का संदेश परिवार, रिश्तेदारों और समाज के साथ मिलकर प्रेम और सौहार्द के साथ खुशियां मनाने का है।
वहीं दूसरी ओर, लोहड़ी के पर्व पर अमृतसर में घने कोहरे का असर भी देखने को मिला। सुबह से आसमान में कोहरा छाया रहा और सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिससे बच्चों को पतंगबाजी में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद लोगों के चेहरों पर लोहड़ी की खुशी और उत्साह साफ झलकता रहा।
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