गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
संजय कोठारी ने बचायी थी नरवाना शराब कांड में काफी लोगो की जान। 1980 में जब नरवाना में जहरीली शराब कांड हुआ था तब कोठारी नरवाना के एस ,डी ,ऍम थे। जींद जिले के पुलिस तथा अन्य अफसर शराब के ठेकेदारो से मिले हुए थे। जहरीली शराब पीकर करीबी चालीस
लोग मर गए थे तथा काफी लोग अंधे हो गए थे। संजय कोठारी के प्रयास से काफी लोगो की जान बच गयी।
हुआ यह था की काफी तादाद में लोगो ने शराब के ठेको से शराब खरीद रखी थी। जब नरवाना शहर में
शराब पीकर लोगो के मरने की सुचना मिली तो संजय कोठारी ने तुरंत नरवाना के आसपास के गावों में मुनादी करवा दी की कोई भी नरवाना के ठेको से खरीदी शराब नहीं पिए कयोकि वो जहरीली है।
इस पर लोगो ने शराब के बोतले तोड़ दी और उनकी जान बच गयी। लेखक तब जींद में इंडियन एक्सप्रेस अख़बार
का रिपोर्टर था। इंडियन एक्सप्रेस में खबर छपी की नरवाना के तत्कालीन डी. एस.पी ने शराब के ठेकदारों को फ़ोन कर दिया की संजय कोठारी के दवाब में हम छापा मारने आ रहे है i इस सुचना पर ठेकदार फरार हो गया था।तत्कालीन सांसद मनी राम बागड़ीने यह मामला लोकसभा में उठाया और तभी डी.एस .पी मुअत्तल किये गए थे। विवेक सक्सेना ने अंग्रेजी पत्रिका कारवां तथा हिंदी पत्रिका भूभारती में
लिखा था की धमकियों के बावजूद युवा पत्रकार पवन बंसल ने यह खबर इंडियन एक्सप्रेस में भेज दी। खबर छपने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल ने डी.एस .पी को मुअत्तल किया था। हुआ यह कि पीएम इंदिरा गांधी ने भजन लाल को धमकाया ।उन दिनों इ मेल से खबरे नहीं भेजी जाती थी।लेखक ने पांच दिन तक प्रतिदिन बस में नरवाना से चंडीगढ़ इंडियन एक्सप्रेस ऑफिस जाकर खबर दी थी और रात को वापिस नरवाना आ जाता था।
khabre junction
