यह लोक अदालत वाहन मालिकों के लिए समय और पैसे दोनों की बचत का बेहतरीन अवसर है

दिल्ली में शनिवार, 10 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पुराने और लंबित ट्रैफिक ई-चालानों के निपटारे का सुनहरा मौका वाहन मालिकों को मिल रहा है। इस लोक अदालत के माध्यम से कई मामलों में कम जुर्माने पर, और कुछ मामलों में जुर्माना पूरी तरह माफ कराकर चालान से छुटकारा पाया जा सकता है।

दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह विशेष लोक अदालत दिल्ली के सभी सात जिला न्यायालय परिसरों—तीस हजारी, रोहिणी, द्वारका, साकेत, पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा और राउस एवेन्यू—के साथ-साथ दिल्ली हाईकोर्ट और स्थायी लोक अदालतों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित हो रही है।

यह लोक अदालत पहले 13 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित थी, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर इसे स्थगित कर 10 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और कंपाउंडेबल (समझौता योग्य) ट्रैफिक मामलों का त्वरित निपटारा करना है, ताकि आम नागरिकों को राहत मिले और नियमित अदालतों पर बोझ कम हो।

किन चालानों का होगा निपटारा

लोक अदालत में केवल वही कंपाउंडेबल ट्रैफिक चालान लिए जा रहे हैं, जो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर 30 सितंबर 2025 तक लंबित थे और जिन्हें वर्चुअल कोर्ट में भेजा गया था।

योग्य अपराधों में शामिल हैं—

सिग्नल जंपिंग

सीमित ओवरस्पीडिंग

गलत पार्किंग

हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना

PUC (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) का न होना या एक्सपायर होना

गलत या टूटी नंबर प्लेट

ट्रैफिक संकेतों की अनदेखी

वहीं शराब पीकर वाहन चलाना, हिट एंड रन, नाबालिग द्वारा ड्राइविंग, खतरनाक रेसिंग, अपराध में प्रयुक्त वाहन, दूसरे राज्यों के चालान या नियमित अदालत में विचाराधीन मामले इस लोक अदालत के दायरे में शामिल नहीं हैं।

PUCC चालान का विशेष लाभ

दिल्ली में PUCC (Pollution Under Control Certificate) एक्सपायर होने पर सामान्य तौर पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। कई मामलों में चालक और वाहन मालिक—दोनों के नाम अलग-अलग चालान कटने से यह राशि 20,000 रुपये तक पहुंच जाती है। लोक अदालत में ऐसे पुराने PUCC चालानों का निपटारा अक्सर बहुत कम राशि में हो जाता है। पूर्व लोक अदालतों के अनुभव बताते हैं कि 10,000 रुपये के PUCC चालान 500 से 2,000 रुपये तक, और कुछ मामलों में शून्य जुर्माने पर भी सेटल किए गए हैं।

निपटारे की प्रक्रिया

सबसे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस वेबसाइट (traffic.delhipolice.gov.in) या परिवहन पोर्टल पर वाहन या चालान नंबर से लंबित चालान जांचें।

ऑनलाइन टोकन रजिस्ट्रेशन कर अपॉइंटमेंट लेटर डाउनलोड करें। प्रतिदिन 45,000 और कुल 1,80,000 चालानों की सीमा निर्धारित है।

अपॉइंटमेंट लेटर, चालान का प्रिंटआउट, वैध PUC (यदि नवीनीकरण कराया हो) और अन्य आवश्यक दस्तावेज लेकर अदालत पहुंचें। लंबी कतारों को देखते हुए समय से पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।

लोक अदालत की बेंच सुनवाई के बाद जुर्माना कम या माफ कर सकती है। समझौता होते ही रसीद दी जाएगी और चालान बंद मान लिया जाएगा।

राष्ट्रीय लोक अदालत वाहन मालिकों के लिए एक ऐसा अवसर है, जहां बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के, पुराने ट्रैफिक चालानों से राहत पाई जा सकती है।

 

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