8th Pay Commission: 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म होने के करीब, 8वें वेतन आयोग से बढ़ेंगी उम्मीदें
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। मौजूदा 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल अब अपने अंतिम चरण में है और इसी के साथ 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लंबे समय से वेतन और पेंशन में संशोधन का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
31 दिसंबर 2025 बनेगा अहम पड़ाव
जानकारी के अनुसार, 7वें वेतन आयोग का 10 वर्षीय औपचारिक कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो जाएगा। गौरतलब है कि 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था। परंपरा के अनुसार हर 10 वर्ष में वेतन ढांचे में बदलाव किया जाता है, ऐसे में 8वें वेतन आयोग की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
8वें वेतन आयोग के गठन की स्थिति
सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दी थी। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने 3 नवंबर 2025 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। इस दौरान देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई दर, जीवन यापन की लागत और कर्मचारियों की जरूरतों का गहन अध्ययन किया जाएगा।
क्या 1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया वेतन?
वेतन आयोगों के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो नया वेतन ढांचा आमतौर पर पिछले आयोग की समाप्ति के अगले दिन से प्रभावी माना जाता है। इस आधार पर 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकारी प्रक्रिया और रिपोर्ट सौंपने में लगने वाले समय के कारण वास्तविक भुगतान में देरी हो सकती है, लेकिन कर्मचारियों को एरियर के रूप में इसका लाभ मिलने की उम्मीद रहती है।
सरकार का क्या कहना है?
संसद में चर्चा के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया था कि 8वें वेतन आयोग को लेकर लागू करने की तारीख का ऐलान सरकार उचित समय पर करेगी। फिलहाल कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स की निगाहें सरकार की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।
कुल मिलाकर, 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन, भत्तों और पेंशन में बड़े बदलाव की उम्मीद लेकर आ रहा है, जिससे उनके आर्थिक हालात में सुधार होने की संभावना है।
