हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ वर्षों में हर जिले में सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक-एक मॉडल अस्पताल विकसित किया जाए। इन अस्पतालों में सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, लैबोरेट्री और विशेषज्ञ इलाज जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि अब तक 10 आधुनिक अस्पताल जनता को समर्पित किए जा चुके हैं, जबकि 22 अन्य अस्पतालों पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इलाज की गुणवत्ता, उपलब्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले की सरकारों के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता में नहीं था, जिसके कारण आम नागरिकों को मजबूरी में निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे शोषण की शिकायतें भी सामने आती थीं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले प्रदेश को सालाना केवल चार स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलते थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर करीब 200 तक पहुंच गई है।
मेडिकल शिक्षा में भी बड़ा विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा में भी व्यापक सुधार किए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2014 में जहां एमबीबीएस की केवल 700 सीटें थीं, वहीं अब यह संख्या 2500 से अधिक हो चुकी है। सरकार का दावा है कि इससे आने वाले वर्षों में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो सकेगी।
इस तरह अपग्रेड हो रहे अस्पताल
सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रदेश में अस्पतालों की क्षमता भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जा रही है। 30 बेड के अस्पतालों को 50 बेड, 50 बेड को 100 बेड, 100 बेड को 200 बेड और 200 बेड वाले अस्पतालों को 400 बेड में अपग्रेड किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता, दवाइयों की उपलब्धता और जांच सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
बाहर की दवाइयों और जांच पर होगी सख्ती
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने सदन में स्पष्ट किया कि जो डॉक्टर मरीजों को बाहर से दवा या जांच लिखते हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज वास्तव में किफायती और भरोसेमंद बने। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नूंह जिले में जल्द ही सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को बुनियादी जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सरकार के इन कदमों से हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदलने और आम जनता को बेहतर व सुलभ इलाज मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
