पाप अन्याय शोषण और लूट की नगरी गुरुग्राम – यहाँ से पलायन का मन करता पर भगवान कृष्ण का उपदेश बिन फल की चिंता कर्म कर रोकता है

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा- पवन कुमार बंसल 

पाप, अन्याय, शोषण और लूट की नगरी: गुरुग्राम

गुरुग्राम—पाप, अन्याय, शोषण और लूट की नगरी। यहां से पलायन करने का मन करता है, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण का उपदेश रोक लेता है। पिछले दस वर्षों से मैं इसी नगरी में रह रहा हूं। अब तो यहां आधार कार्ड और वोटर कार्ड भी बन चुका है।

यहां रहते हुए नेताओं और अफसरों की मिलीभगत से लूट के इतने मामले सामने आते हैं कि यहां रहने का मन नहीं करता। पग‑पग पर भ्रष्टाचार है—करप्ट नेता, करप्ट अफसर। पेड न्यूज़ और विज्ञापनों के चक्र में फंसा लोकतंत्र का कथित चौथा स्तंभ—मीडिया।

गुरुग्राम, हरियाणा को सबसे अधिक राजस्व देने वाला शहर है, लेकिन लूट इतनी बेशर्मी से होती दिखती है कि महमूद ग़ज़नवी को भी शर्म आ जाए। किसानों के नाम पर राजनीति करने वालों के यहां आलीशान फार्महाउस और कोठियां खड़ी हैं।

अन्याय और शोषण की नींव तो द्रोणाचार्य ने कुचले‑शोषित समाज के एकलव्य का अंगूठा कटवाकर रख दी थी। सरकारें चाहे जितने गुणगान करें, मेट्रो स्टेशन और गुड़गांव का नाम द्रोणाचार्य के नाम पर रख दें—हकीकत यह है कि यहां मजदूरों, गरीबों और समाज के वंचित वर्गों का शोषण जारी है, चाहे सरकार किसी की भी हो।

सबने मिलकर एकलव्य का अंगूठा काटा है और ‘अर्जुन’ रूपी बिल्डरों को आगे बढ़ाया है—जिनके सामने सभी नतमस्तक हैं। भूपिंदर सिंह हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते हुए सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को लाभ पहुंचाने की बातें हुईं, जिनका उल्लेख स्वयं नरेंद्र मोदी भी करते रहे। कहा जाता है कि हुड्डा ने वाड्रा को फंसा कर अपने दामाद, कई कांग्रेस नेताओं के दामादों और बेटों का साम्राज्य खड़ा करवा दिया।

जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली मनोहर सरकार भी हुड्डा की तरह बिल्डरों की गोद में बैठी रही, और अब नायब सैनी की सरकार पर भी ऐसे ही आरोप लगते हैं।

गीता जयंती के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म करने का उपदेश दिया था, लेकिन कर्म करता कोई दिखाई नहीं देता। गीता के नाम पर केवल मार्केटिंग हो रही है। सरकार ने गीता को अपनी कमियां छिपाने का आवरण बना लिया है। शायद भगवान श्रीकृष्ण भी सोचते होंगे—क्या इसी हरियाणा में उन्होंने गीता का उपदेश दिया था?

मैंने आज भी सुबह उठकर गीता का अध्ययन किया। भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं—कर्म करो, पलायन मत करो और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करो।

इसी उपदेश पर अमल करते हुए मैंने गुरुग्राम से पलायन न करने का निर्णय लिया है। यहीं रहकर, अपनी कलम के माध्यम से लूट और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाता रहूंगा—जब तक पाठकों का प्यार और विश्वास मिलता रहेगा।

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