ऐलनाबाद/सिरसा, (एम पी भार्गव)।हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के डेलीगेट नवीन केडिया ने कहा है कि प्रदेश के कई जिलों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की कमी के चलते प्रशासनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, जिससे अन्य अधिकारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ता जा रहा है।
जारी बयान में नवीन केडिया ने कहा कि हरियाणा के छह जिले ऐसे हैं जहां अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) की नियुक्ति नहीं की गई है, जबकि प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज का जिला अंबाला भी शामिल है, जहां पिछले तीन महीनों से एडीसी का पद रिक्त पड़ा है।
कांग्रेस नेता ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के कुल 22 जिलों में से अंबाला, चरखी-दादरी, कैथल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़ (नारनौल) और नूंह जिले में अतिरिक्त उपायुक्त का पद खाली है। हालांकि भिवानी के एडीसी दीपक बाबू लाल करवा को चरखी-दादरी जिले का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, लेकिन इससे स्थायी व्यवस्था नहीं बन पा रही है।
नवीन केडिया ने कहा कि प्रदेश में लागू प्रणाली के अनुसार एडीसी पद पर न केवल आईएएस बल्कि वरिष्ठ एचसीएस अधिकारियों की भी तैनाती की जा सकती है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के सभी 22 जिला मुख्यालयों में एडीसी का स्थायी पद स्वीकृत है, जो उपायुक्त के बाद जिला प्रशासन का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद माना जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में निर्धारित 15 के मुकाबले केवल चार वरिष्ठ एचसीएस अधिकारियों को ही एडीसी के पद पर तैनाती दी गई है। इनमें गुरुग्राम में 2002 बैच के एचसीएस अधिकारी वत्सल वशिष्ठ, झज्जर में 2002 बैच के जग निवास, फतेहाबाद में 2004 बैच के अनुराग ढालिया तथा यमुनानगर में नवीन कुमार आहूजा बतौर एडीसी कार्यरत हैं।
