- रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार
मोदीनगर। गाजियाबाद की अदालत ने 2023 में हुए बहुचर्चित शब्द उर्फ शबी हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सौतेली मां और उसकी सहेली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को अपराध सिद्ध होने पर ₹25,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला मोदीनगर थाना क्षेत्र की पीली कोठी, डबल स्टोरी, गोविंदपुरी का है, जहाँ मासूम बच्चे की हत्या कर उसके शव को सेफ्टी टैंक (गटर) में फेंक दिया गया था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
माननीय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 श्री विनोद कुमार पंचम ने मुकदमा अपराध संख्या 590/2023 में धारा 302, 201, 34 आईपीसी के तहत दोष सिद्ध करते हुए फैसला सुनाया।
सजा का विवरण
आजीवन कारावास
धारा 302 पर ₹25,000 जुर्माना
धारा 201 में 3 वर्ष की सजा और ₹5,000 जुर्माना
जुर्माना न देने पर अतिरिक्त 1 वर्ष की कारावास
अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूत
इस मामले में वादी राहुल की ओर से प्रारंभ में जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीमती ममता गौतम ने पैरवी की।
बाद में वादी के प्राइवेट अधिवक्ता राहुल कुमार उर्फ कोको, पूर्व सहसचिव प्रशासन एवं पूर्व कार्यकारिणी सदस्य, बार एसोसिएशन गाज़ियाबाद ने मृतक शब्द उर्फ शबी की ओर से निशुल्क प्रभावी पैरवी की।
समाज के लिए बड़ा संदेश
अभियोजन पक्ष का कहना है कि इतने जघन्य अपराध पर न्यायालय का यह सख्त आदेश समाज को यह संदेश देगा कि बुराई पर अच्छाई हमेशा विजयी होती है और मासूमों के साथ अत्याचार करने वालों को सख्त सजा से कोई नहीं बचा सकता।
वादी राहुल कुमार कोको ने कहा कि यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय दिलाने वाला है और समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करेगा।

