- रिपोर्ट: शिवेंदु श्रीवास्तव
सोनभद्र। लखनऊ में आयोजित ग्रैंड फिनाले डायमंड जुबिली 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में सोनभद्र जिले ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। देश-विदेश से आए लगभग 40 हजार स्काउट-गाइड प्रतिभागियों के बीच सोनभद्र गाइड विंग द्वारा निर्मित स्टेट गेट को ‘ए ग्रेड’ से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
सोनभद्र को उत्तर प्रदेश की ओर से स्टेट गेट निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे टीम ने रचनात्मकता, कौशल और उत्कृष्ट प्रदर्शन से शानदार रूप दिया। यह क्षण जनपद की स्काउटिंग यात्रा का सबसे यादगार पड़ाव माना जा रहा है।
नेतृत्व और सहयोग
इस बड़ी उपलब्धि के लिए
डॉ. प्रभात कुमार, प्रादेशिक मुख्यायुक्त
आनंद सिंह रावत, प्रादेशिक सचिव
रविंदर कौर सोखी, प्रादेशिक संगठन आयुक्त गाइड
राजेश प्रजापति, सहायक प्रादेशिक संगठन आयुक्त विंध्याचल मंडल
ने विशेष भूमिका निभाई। वहीं जनपद स्तर पर
जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह,
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय,
जिला मुख्यायुक्त डॉ. प्रबोध कुमार सिंह,
जिला सचिव धीरेन्द्र प्रताप सिंह,
जिला कोषाध्यक्ष अब्दुल कयूम अहमद
एवं टीम के अन्य वरिष्ठ सदस्यों के मार्गदर्शन में तैयारी की गई।
82 सदस्यों की टीम ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
जिला संगठन आयुक्त सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में
37 स्काउट
28 गाइड
17 स्काउट मास्टर
06 गाइड कैप्टन
कुल 82 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और मेहनत व प्रतिभा से जनपद को गौरवान्वित किया।
जंबूरी में सफलता दिलाने में
सत्यनारायण कनौ, रमाकांत कुशवाहा, अर्चना सिंह, स्नेहा सिंह, शुभम सोनी, शिवपूजन सिंह सहित
अनेक प्रशिक्षकों का विशेष योगदान रहा।
इन विद्यालयों के छात्रों ने बढ़ाया मान
आदिवासी इंटर कॉलेज सिलथम,
पार्वती बालिका इंटर कॉलेज जयमोहरा,
आदर्श इंटर कॉलेज रावटसगंज,
श्री चंद्रगुप्त मौर्य इंटर कॉलेज मधुपुर,
डीएवी ओबरा, सनबीम पब्लिक स्कूल रॉबर्ट्सगंज,
तथा अन्य कई शिक्षण संस्थानों के स्काउट-गाइड ने प्रतिभाग किया।
बधाइयों का सिलसिला
प्रतिभागी दल की वापसी पर
डॉ. आरती सिंह, हरि शंकर मिश्रा, काशी प्रसाद मौर्य सहित कई गणमान्यजनों ने टीम को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में और प्रेरणा देगी।
सोनभद्र की इस शानदार सफलता ने यह साबित कर दिया कि यदि संकल्प मजबूत हो और प्रयास ईमानदार, तो सफलता निश्चित है। जनपद सोनभद्र का यह गौरवशाली क्षण स्काउटिंग के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है।
