सिकैड़ा रोड स्थित अंबेडकर बस्ती में सोमवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बिजली विभाग के जेई, स्मार्ट मीटर लगाने वाली टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। जैसे ही टीम ने स्मार्ट मीटर लगाने की कोशिश शुरू की, स्थानीय निवासियों—विशेषकर महिलाओं—ने जोरदार विरोध किया और मीटर लगाने वालों को बस्ती से बाहर खदेड़ दिया।
विरोध बढ़ने पर पुलिस ने लोगों को समझाने की बजाय धमकाना शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई। इसी बीच क्षेत्रीय सभासद परवीन गुर्जर, भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य डॉ. बबली गुर्जर अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग के जेई और पुलिस अधिकारियों से कड़ी बहस की।
हंगामे के दौरान जो स्मार्ट मीटर पहले से लगाए जा चुके थे, उन्हें भी हटवा दिया गया।
डॉ. बबली गुर्जर ने बताया कि “कोर्ट का साफ आदेश है कि किसी भी नागरिक पर स्मार्ट मीटर थोपे नहीं जा सकते। जो व्यक्ति मीटर नहीं लगवाना चाहता, उसके घर जबरन मीटर लगाना गैरकानूनी है।”
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली विभाग पुलिस बल के साथ मिलकर गरीब बस्तियों में जबरदस्ती मीटर लगाने की कोशिश कर रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग की यह तानाशाही नहीं रुकी तो जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मौके पर जय प्रकाश शर्मा, पिन्टू जाटव, आज़ाद खान, रामपाल ठेकेदार, कपिल जाटव, सोहनपाल, दिलशाद खान सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
