- रिपोर्ट- कपिल सिंह राजपुत
बाराबंकी। छठ माई की जयकारों से आज पूरा बाराबंकी शहर गूंज उठा। वैसे तो छठ पर्व को बिहार और पूर्वांचल का प्रमुख त्यौहार माना जाता है, लेकिन अब यह आस्था और समर्पण का उत्सव देशभर के हर घर और परिवार तक पहुँच चुका है। इस पर्व में महिलाएँ, बच्चे और परिवार के सभी सदस्य मिलकर छठ मैया की पूजा विधि-विधान से करते हैं।
बाराबंकी में भी इस बार कई घाटों को आकर्षक रूप से सजाया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने सूर्य उपासना और छठी मैया की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न की। व्रती महिलाओं ने निर्जला उपवास रखकर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्थानीय प्रशासन द्वारा घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह भक्ति संगीत और छठ गीतों की गूंज ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
श्रद्धालुओं ने कहा कि छठ माई केवल बिहार या पूर्वांचल की नहीं, बल्कि हर उस हृदय की देवी हैं जो सच्ची निष्ठा और आस्था से उनकी उपासना करता है। यही कारण है कि आज हर घर में छठ पर्व की परंपरा देखने को मिल रही है, जो भारतीय संस्कृति की एकता और भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती है।
