सोनभद्र: जिला उद्योग बंधु बैठक में उठे व्यापारी हितों के मुद्दे, सीडीओ ने दिए समाधान के निर्देश

रिपोर्ट: शिवेंदु श्रीवास्तव / डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव

सोनभद्र। जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में संपन्न हुई। बैठक में विगत माह उठाए गए व्यापारी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा, जिला अस्पताल की डिजिटल एक्सरे मशीन की खराबी, रोडवेज बस स्टैंड की समस्या, बिजली शिकायत निस्तारण प्रणाली और स्मार्ट प्रीपेड मीटर दरों में असमानता जैसे मुद्दे उठाए। अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड ने ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा घेरा शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया, वहीं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने एक सप्ताह में डिजिटल एक्सरे मशीन दुरुस्त कराने की बात कही।
श्री शर्मा ने कहा कि ₹3.49 करोड़ की लागत से निर्मित रोडवेज बस स्टैंड उपयोग में न आने से सफेद हाथी साबित हो रहा है। मिर्जापुर डिपो की बसें ओवरब्रिज के नीचे खड़ी रहती हैं, जिससे जाम की समस्या के साथ-साथ बैंक के सामने भीड़ और अराजकता की स्थिति बनती है। उन्होंने इन बसों को शीघ्र डिपो में खड़ा कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि 1912 कॉल सेंटर पर बिजली से जुड़ी शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है और शिकायत दर्ज करने या ट्रैक करने की सुविधा नहीं है। इसे ओटीपी आधारित प्रणाली में परिवर्तित किए जाने की मांग की गई।संगठन ने यह भी मुद्दा उठाया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में ₹2610 है, जबकि सोनभद्र में लगभग ₹6000 वसूला जा रहा है। इसे व्यापारियों के साथ अन्याय बताया गया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल से जल योजना की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। शर्मा ने कहा कि मुख्यालय से सटे पुसौली, उरमौरा जैसे गांवों में अब तक पेयजल कनेक्शन नहीं हैं, जबकि योजना का लक्ष्य 1389 गांवों को लाभान्वित करना था। पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने से बरसात में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग आपसी समन्वय से स्थिति सुधार सकते हैं। बाजार और स्कूल क्षेत्रों में ऊंचे रंबल स्ट्रिप बनाए जाएं तथा उरमौरा मोड़ पर समतल स्पीड ब्रेकर को ठीक किया जाए। इसके साथ ही ब्लैक स्पॉट की पहचान कर इंजीनियरिंग सुधार और ओवरलोड तथा अवैध खनन वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन वाहनों का आवागमन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सीमित किया जाए। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की तथा संचालन उपायुक्त उद्योग विनोद चौधरी ने किया। इस अवसर पर व्यापार संगठन के उपाध्यक्ष नागेंद्र मोदनवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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