- रिपोर्ट – मनोज कुमार यादव
एटा: जनपद के जैथरा ब्लॉक के गांव चिलौली में जब NMMU (National Mobile Medical Unit) की स्वास्थ्य टीम पहुँची, तो ग्रामीणों के चेहरों पर राहत और संतोष दोनों झलक रहे थे। लंबे समय से गांव के लोग छोटी-बड़ी बीमारियों को नजरअंदाज कर देते थे, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग थे — सरकार की मोबाइल मेडिकल योजना ने स्वास्थ्य सेवाओं को गांव की चौखट तक पहुँचा दिया।
टीम ने गांव के लोगों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरी दवाइयां वितरित कीं। बुजुर्गों से लेकर महिलाओं तक, सभी ने इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि “अब हमें इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, डॉक्टर हमारे पास आ रहे हैं — यही असली विकास है।”
दरअसल, स्वास्थ्य सेवाओं का असली उद्देश्य यही है — जब तक इलाज गांव के दरवाजे तक नहीं पहुँचेगा, तब तक स्वास्थ्य व्यवस्था अधूरी रहेगी। NMMU की यह पहल न सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम है बल्कि ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य समानता की दिशा में ठोस कदम है।
सरकार को चाहिए कि ऐसे मोबाइल स्वास्थ्य शिविरों की संख्या और बढ़ाई जाए ताकि कोई भी नागरिक इलाज के अभाव में पीड़ा न सहे। चिलौली जैसे गांवों में यह कदम विश्वास और जागरूकता दोनों की नई रोशनी जला रहा है।
