वार्ड मैम्बर होते हुए पार्षद लिखने पर,सदस्य रद्द करेगें डीएम गाजियाबाद 

वार्ड मैम्बर का पार्षद लिखने पर 2 साल की सजा और जुर्माना भी किया जा सकता है।

मोदीनगर : वार्ड नम्बर 20 के सभासद मोनू पर, अपने आप को पार्षद बताने पर डीएम गाजियाबाद द्वारा जल्द की जा सकती है। सदस्य रद्द और जुर्माने की कार्यवाही।
आपको बता दें कि नगरपालिका Municipality में चुने हुए सदस्य को आमतौर पर वार्ड सदस्य कहा जाता है। जबकि नगर निगम (Municipal Corporation) में चुने हुए प्रतिनिधि को पार्षद (Councillor)कहा जाता है। दोनों का पद अलग स्तर पर होता है।
अगर वार्ड सदस्य खुद को “पार्षद” बताता है तो यह पद का गलत उपयोग Misrepresentation of Public Office माना जाता है। और कानूनी तौर पर भ्रामक या झूठा दावा (False Representation) की श्रेणी में आता है। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा, 419 और 420 धारा, 419 किसी व्यक्ति द्वारा, किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण कर धोखाधड़ी करने में आता है। धारा 420 धोखाधड़ी कर किसी को भ्रमित कर लाभ लेना। धोखाधड़ी कहा जाता है।
Ghaziabad DM will cancel membership if someone writes as councillor while being a ward member.अगर कोई पार्षद लिखकर कोई सरकारी लाभ, प्रभाव या सम्मान प्राप्त करता है। तो उस पर यह लागू किया जाना उचित माना जाता है। यह व्यक्ति स्वयं को सरकारी अधिकारी पद पर दिखाता है, जिस पर वह वास्तव में नहीं है, जिसके चलते, यह एक अपराध की श्रेणी में आता है। जिसके लिए 2 वर्ष की कैद, और जुर्माना दोनों किया जाने का प्रावधान है।
राज्य के स्थानीय निकाय अधिनियम उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 को ध्यान में रखते हुए, ऐसे गलत प्रतिनिधित्व पर कार्यवाही करते हुए। सदस्यता रद्द की जाएगी। और नोटिस जारी किया जाएगा। सरल शब्दों में,निष्कर्ष यह है कि अगर कोई नगरपालिका वार्ड सदस्य, खुद को पार्षद बताकर अपने पद का गलत प्रचार करता है, तो यह कानूनी अपराध, धारा IPC 170, BNS 181, IPC 419, BNS 316, IPC 420 BNS 318 माना जाएगा। और उस पर 2 साल तक की सजा और जुर्माना किया जाता है।

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