सरकार किसानों को पानी से वंचित कर रही है- कुमारी सैैलजा
डबवाली क्षेत्र के अनेक गांवों के किसान टेल तक पानी न पहुंचने से बेहालप्रदेश में कही सेम समस्या से भूमि हो रही है बंजर तो कही जलभराव से खराब हो रही है फसले
ऐलनाबाद , हरियाणा 28 सितंबर ( डॉ एम पी भार्गव ): स्वयं को किसान हितेषी होने का दावा करने वाली प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों की बात सुनने के बजाए उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। कही किसान खाद को लेकर भटक रहा हैै तो कही जलभराव से फसले खराब हो रही है तो कही पर सेम समस्या के चलते भूमि बंजर ही रही है। हरियाणा के अंमित छोर पर बसे सिरसा जिला के डबवाली क्षेत्र के अनेक गांव आज भी टेल तक पानी न पहुंचने को लेकर परेशान है, धरनारत है पर सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों को मौके पर भेजकर सीधी बातचीत की जाए। कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है। अगर सरकार ने जल्द ही किसानों की जायज़ मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र सहित अनेक गांवों के किसान पिछले कई महीनों से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। प्रदेश सरकार बार-बार यह दावा करती है कि नहरों का पानी अंतिम छोर तक पहुंच रहा है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। कुमारी सैैलजा ने कहा कि हरियाणा में किसानों की दुर्दशा के लिए पूरी तरह से भाजपा सरककार जिम्मेदार है। प्रदेश के अनेक हिस्सों में जहां बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, वहीं डबवाली दरबार क्षेत्र के किसान बूंद-बूंद पानी के लिए आंदोलन करने को विवश हैं। यह सरकार की विफल नीतियों और लापरवाही का नतीजा है। सांसद ने कहा कि नहरों की नियमित सफाई और मरम्मत न होने, तटबंधों को मजबूत न किए जाने और पानी के अनुचित वितरण के कारण हजारों किसान परिवारों पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। किसान अपनी फसलों को समय पर सिंचाई न मिलने से बर्बाद होते देख रहे हैं। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि डबवाली क्षेत्र के अनेक गांवों के किसान चौटाला माइनर में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर 10 दिनों से धरनारत है। प्रदर्शन कारी किसानों का प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में जाकर अधिकारियों और मंत्री तक से मिला पर वहां भी उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
सांसद ने कहा है कि डबवाली क्षेत्र के किसानों ने 10 प्रमुख मांगें रखीं। इनमें नहर के टेल क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की स्थायी व्यवस्था, पानी मापने के पैरामीटर और एफएसडी सिस्टम की बहाली शामिल हैं। सैलजा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि नहरों की तुरंत सफाई और मरम्मत करवाई जाए, भाखड़ा नहर से लेकर अंतिम छोर तक पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों को मौके पर भेजकर सीधी बातचीत की जाए और प्रभावित किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए विशेष मुआवज़ा पैकेज घोषित किया जाए। किसानों का आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों ने पीछे वाटर बॉक्स पर मोगे बंद कर पानी रोक लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में चार हिस्से पानी मिला। लेकिन उनके जाते ही पानी घटकर आधा रह गया। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और यदि सरकार ने जल्द ही किसानों की जायज़ मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
