राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष (2025-26) : नवसंवाद के साथ राष्ट्र निर्माण की ओर

गाजियाबाद, 28 सितम्बर 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) विजयादशमी 2025 से अपने शताब्दी वर्ष (2025-26) की ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ कर रहा है। यह केवल संगठन का उत्सव नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के लिए नवचेतना, आत्ममंथन और दृढ़ संकल्प का अवसर है। संघ ने एक सदी की साधना के उपरांत सेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण को और अधिक गति देने का संकल्प लिया है।

एक सदी का स्वाभिमान, सेवा और संस्कार

संघ का शताब्दी वर्ष भारत की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और संगठन शक्ति के उत्कर्ष का प्रतीक है। इसका उद्देश्य है – परिवार और समाज में उत्तरदायित्व-बोध जागृत कर समरस, सशक्त और संगठित भारत का निर्माण करना।

शताब्दी प्रतीक: “एक शताब्दी, एक उद्देश्य : राष्ट्रहित सर्वोपरि”

मूल संदेश: संघर्ष, सेवा, समर्पण एवं संस्कार – नवचेतना का शतक

पंच परिवर्तन अभियान : शताब्दी की आत्मा

शताब्दी वर्ष का केंद्रीय भाव ‘पंच परिवर्तन अभियान’ है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्गदर्शन करेगा। इसमें पाँच आयाम शामिल हैं :

स्व आधारित जीवन – स्वभाषा, स्वभूषा, स्वभोजन, स्वपरंपरा को अपनाना।

कुटुंब-प्रबोधन – परिवार को संस्कारित और सुदृढ़ बनाना।

नागरिक कर्तव्य – राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाना।

सामाजिक समरसता – समानता और भाईचारे को बढ़ावा देना।

पर्यावरण संरक्षण – प्रकृति और संसाधनों की रक्षा।

शताब्दी वर्ष के प्रमुख कार्यक्रम

गाजियाबाद विभाग ने शताब्दी वर्ष को राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन बनाने हेतु विस्तृत कार्यक्रम घोषित किए :

विजयादशमी 2025 से पथ संचलन : 28 सितम्बर, 2 अक्टूबर और 5 अक्टूबर को पूर्ण गणवेश में अनुशासित पथ संचलन होंगे।

गृह संपर्क अभियान (1 से 30 नवम्बर 2025): स्वयंसेवक घर-घर जाकर परिवारों से संवाद करेंगे।

हिंदू सम्मेलन (11 जनवरी – 15 फरवरी 2026): समाज के विभिन्न घटकों को जोड़ने हेतु बस्ती स्तर पर आयोजन।

प्रबुद्ध गोष्ठियाँ (जिला/नगर स्तर): समाजसेवी, विद्वान और जनप्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रहित पर विमर्श।

सद्भाव बैठकें (अप्रैल 2026): संत-महात्माओं और विविध वर्गों की सहभागिता से सामाजिक समरसता।

युवा सम्मेलन (15 अगस्त – 17 सितम्बर 2026): युवाओं में संगठन शक्ति और राष्ट्रभावना का संचार।

अधिकतम शाखा अभियान (27 सितम्बर – 4 अक्टूबर 2026): प्रौढ़, तरुण, व्यवसायी और बाल शाखाओं का विस्तार।

गाजियाबाद में शताब्दी वर्ष की शुरुआत

आज विद्या मंदिर, गाजियाबाद में आयोजित प्रेस वार्ता में विभाग प्रचार प्रमुख अखिलेश, विभाग कार्यवाह देवेंद्र प्रताप और मा० विभाग संघचालक कैलाश मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि “शताब्दी वर्ष समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ नवसंवाद स्थापित कर राष्ट्र निर्माण में नई ऊर्जा का संचार करेगा।”

 

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