मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में जेल प्रशासन को नई दिशा देने का काम कर रहे मुजफ्फरनगर जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी अपनी अलग कार्यशैली के कारण पूरे प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं। जेल की कमान संभालने के बाद उन्होंने न सिर्फ बंदियों के कल्याण और उत्थान पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि जेल के अनुशासन और सुरक्षा प्रबंधन को भी मजबूती दी है।
बंदियों के पुनर्वास की दिशा में पहल
करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में अभिषेक चौधरी ने जेल में सुधारात्मक गतिविधियों को नई गति दी है।
शिक्षा और योग: बंदियों को पढ़ाई के साथ योग और ध्यान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आध्यात्मिकता और कौशल विकास: कैदियों को आत्मचिंतन और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया है।
पुनर्वास कार्यक्रम: जेल को केवल दंड का केंद्र न रखकर एक सामाजिक पुनर्निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
सुरक्षा और सुधार का संतुलन
संवेदनशील जेलों में अक्सर सुरक्षा और सुधार के बीच तालमेल बैठाना कठिन होता है। लेकिन अभिषेक चौधरी ने इसे संतुलित रखते हुए जेल को शांत और विवादमुक्त बनाए रखने में सफलता हासिल की है।
प्रेरणादायी नेतृत्व
जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी जैसे अधिकारी विभाग की आन, बान और शान माने जाते हैं। उनका कार्यकाल यह साबित करता है कि सही दृष्टिकोण और ईमानदार प्रयासों से जेल सुधार की संकल्पना को साकार किया जा सकता है।
