Shardiya Navratri 2025 Day 2: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और कथा

नई दिल्ली। Shardiya Navratri 2025 का शुभारंभ 22 सितंबर से हो चुका है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन (Navratri Day 2) मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। इस वर्ष 23 सितंबर 2025, मंगलवार को मां ब्रह्मचारिणी का पूजन किया जाएगा।

  मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी श्वेत वस्त्र धारण करती हैं। उनके दाहिने हाथ में रुद्राक्ष की माला और बाएं हाथ में कमंडल है। इन्हें ज्ञान, तप और वैराग्य की देवी कहा जाता है। इनकी पूजा करने से साधक के जीवन से संकट दूर होते हैं और उसे सफलता का आशीर्वाद मिलता है।

  मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प लें।

मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा/तस्वीर स्थापित करें।

रोली का तिलक कर फूल, फल अर्पित करें।

चीनी, मिश्री या पंचामृत का भोग लगाएं।

चमेली के फूल अर्पित करें और धूप-दीप प्रज्वलित कर आरती करें।

🕖 शुभ मुहूर्त

प्रातः काल: 4:54 AM से 5:41 AM तक

दोपहर: 12:08 PM से 12:56 PM तक

 मां ब्रह्मचारिणी की कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी पर्वतराज हिमालय की पुत्री थीं। भगवान शिव को पति रूप में पाने की इच्छा से उन्होंने नारद मुनि के मार्गदर्शन में घोर तपस्या की। हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और कई वर्षों तक निर्जल-निराहार रहकर उन्होंने कठोर तप किया। इसी तपस्या के कारण उन्हें “ब्रह्मचारिणी” नाम प्राप्त हुआ।

  लाभ

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से साधक को संयम, धैर्य और आत्मबल प्राप्त होता है। यह पूजा जीवन की कठिनाइयों को दूर कर सफलता दिलाने वाली मानी जाती है।

  डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती। किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

 

 

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