- रिपोर्ट- पंकज आग्रहरी
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी के पावन धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भक्तों का विशाल समागम हुआ। कथा व्यास ने भक्तों को श्री राधा रानी के चरणों का आश्रय लेकर दिव्य प्रसंगों का श्रवण कराया। इस अवसर पर गजेन्द्र मोक्ष की अद्भुत कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा में बताया गया कि किस प्रकार गजेन्द्र ने विपत्ति के समय भगवान विष्णु का आह्वान किया और भगवान ने उसकी रक्षा कर मोक्ष प्रदान किया।
इसके साथ ही भगीरथ की तपस्या और मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कथा का भी वर्णन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा व्यास ने बताया कि मां गंगा का धरती पर आना मानवता के कल्याण का प्रतीक है। इसी क्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग और पूतना उद्धार की कथा ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था से परिपूर्ण कर दिया।
कथा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई भक्ति रस में डूबा दिखाई दिया। भजन और कीर्तन के स्वर गूंजते रहे और वातावरण हरि नाम से पावन हो उठा। श्रद्धालुओं ने इसे जीवन का सौभाग्य बताया कि उन्हें मां विंध्यवासिनी की गोद में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने का अवसर मिला।
