ऐलनाबाद 30 अगस्त ( एम पी भार्गव ): ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल खरीदारी के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। खासतौर पर ऐनी डेस्क (Any Desk) और टीम व्यूअर (Team Viewer) जैसे रिमोट एक्सेस मोबाइल एप्लिकेशन का दुरुपयोग कर लोग ठगी के शिकार बनाए जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक सिरसा डॉ. मयंक गुप्ता ने नागरिकों की जागरूकता हेतु विशेष एडवाइजरी जारी की है।
ठगी का तरीका
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से ऐनी डेस्क का लिंक भेजते हैं। कई बार ये अपराधी खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर किसी तकनीकी समस्या को हल करने के बहाने यूजर से यह ऐप डाउनलोड करवा लेते हैं। ऐप इंस्टॉल होने के बाद यूजर से एक रिमोट एक्सेस कोड साझा करने को कहा जाता है। जैसे ही पीड़ित यह कोड और आवश्यक अनुमति दे देता है, अपराधी उसके मोबाइल की स्क्रीन को लाइव देखने लगते हैं और बैंकिंग गतिविधियों को रिकॉर्ड कर लेते हैं।
यह ऐप फोन के लॉक होने के बाद भी बैकग्राउंड में काम करता है, जिससे ठग पीड़ित की निजी व वित्तीय जानकारी जैसे पासवर्ड, पिन, ओटीपी तक पहुंच बना लेते हैं। यह ऐप दरअसल एक रिमोट डेस्कटॉप टूल है जो किसी अन्य व्यक्ति को दूर बैठकर आपके मोबाइल/कंप्यूटर को नियंत्रित करने की अनुमति देता है। इसी कारण यह और भी खतरनाक साबित होता है।
पुलिस की अपील
सिरसा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि–
• किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें।
• Any Desk, Team Viewer जैसे रिमोट एक्सेस ऐप्स अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर इंस्टॉल न करें।
• अपने बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, पिन या ओटीपी किसी के साथ भी साझा न करें।
• किसी तकनीकी समस्या के समाधान हेतु केवल आधिकारिक वेबसाइट या मान्य स्रोत से ही कस्टमर केयर नंबर प्राप्त करें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। इसके अतिरिक्त, अपने नजदीकी थाने में स्थित साइबर हेल्प डेस्क से भी संपर्क किया जा सकता है।
सिरसा पुलिस आमजन से अपील करती है कि वे सतर्क व जागरूक रहें और साइबर अपराधियों के जाल में न फंसें।
