गणेश चतुर्थी का पावन पर्व करीब है और श्रद्धालु बप्पा को घर लाने की तैयारियों में जुट गए हैं। हर साल भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि को गणपति स्थापना की जाती है। इस साल गणेश चतुर्थी 2025 विशेष उत्साह के साथ मनाई जाएगी। अगर आप भी इस बार बप्पा को घर लाने की सोच रहे हैं, तो कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है।
शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें
गणेश जी की मूर्ति को घर लाने के लिए हमेशा शुभ मुहूर्त का चयन करें। चतुर्थी से एक दिन पहले या चतुर्थी के दिन ही मूर्ति की स्थापना के लिए उन्हें लाना उत्तम माना गया है।
मूर्ति को ढककर लाएं
बप्पा की मूर्ति को घर लाते समय लाल, पीले या नारंगी रंग के कपड़े से ढकना चाहिए। इसे ‘पटका’ कहा जाता है, जो भगवान गणेश के आगमन के सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है।
साफ कपड़े पहनें
मूर्ति घर लाते समय सदैव साफ और संभव हो तो नए कपड़े पहनें। इस दौरान मन में सकारात्मक विचार और पवित्र भावनाएं रखना जरूरी है।
मूर्ति को हाथ में लेकर आएं
अगर संभव हो तो बप्पा की मूर्ति को वाहन की बजाय हाथों से लेकर घर लाएं। यह भगवान के प्रति आपकी सच्ची भक्ति दर्शाता है। बड़ी मूर्तियों को वाहन में लाते समय भी पूरे सम्मान और सावधानी के साथ रखना चाहिए।
मूर्ति का रंग और आकार
घर में स्थापना के लिए सिंदूरी या लाल रंग की मूर्ति शुभ मानी जाती है। मूर्ति का आकार बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए, ताकि विसर्जन सुगमता से किया जा सके।
गणेश चतुर्थी पर बप्पा को घर लाना सिर्फ धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक भी है। यदि आप इन नियमों का पालन करते हैं, तो घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और आस्थाओं पर आधारित है। इसके लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
