बिहार वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, मसौदे में 12 जीवित लोगों को मृतक दिखाने का आरोप
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर सुनवाई हुई। आरजेडी सांसद मनोज झा की ओर से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने दावा किया कि बिहार की वोटर लिस्ट में 12 ऐसे लोग हैं, जो जीवित होने के बावजूद मृतक के रूप में दर्ज कर दिए गए हैं।
चुनाव आयोग की तरफ से सीनियर वकील राकेश द्विवेदी ने दलील दी कि इस तरह की बड़ी एक्सरसाइज में कुछ गलतियां स्वाभाविक हैं। उन्होंने कहा—”यह कहना कि मृतकों को जीवित और जीवित को मृत दिखाया गया है, इसे ठीक किया जा सकता है, क्योंकि यह केवल एक मसौदा सूची थी।”
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की—”तथ्यों और आंकड़ों के साथ तैयार रहें, क्योंकि प्रक्रिया शुरू होने से पहले वोटरों की संख्या, प्रोसेस से पहले और अब मृतकों की संख्या समेत कई सवालों के जवाब देने होंगे।”
मामले की अगली सुनवाई में अदालत ने विस्तृत आंकड़े और रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं।
