राहुल गांधी का प्रधानमंत्री पर हमला: “मोदी ट्रंप को झूठा नहीं कह पा रहे, क्योंकि ट्रंप खोल देंगे सच्चाई”
नई दिल्ली, 30 जुलाई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित मध्यस्थता को लेकर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इसलिए ट्रंप को झूठा नहीं कह पा रहे क्योंकि अगर ऐसा किया गया तो ट्रंप खुद सामने आकर सच्चाई उजागर कर देंगे।
राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री ने कभी नहीं कहा कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। सभी जानते हैं कि वह ऐसा नहीं कह पा रहे। अगर वह ऐसा कहेंगे, तो ट्रंप खुलकर सच्चाई बता देंगे। यही वजह है कि प्रधानमंत्री चुप हैं।”
उन्होंने दावा किया कि ट्रंप भारत पर दबाव बना रहे हैं ताकि अमेरिका को व्यापार समझौते में फायदा हो सके।
“अब देखिए आगे कैसा व्यापार समझौता होता है,” उन्होंने जोड़ा।
प्रियंका गांधी ने भी जताई चिंता
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कहा कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की भाषा अस्पष्ट है।
“प्रधानमंत्री को संसद में साफ-साफ कहना चाहिए कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। राहुल जी ने कल भी यही बात कही थी,” उन्होंने कहा।
खड़गे का तीखा सवाल: “दाल में कुछ काला है”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “मोदी जी में इतना साहस नहीं है कि वह ट्रंप को कह सकें कि वह झूठ बोल रहे हैं। दाल में कुछ काला है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की नीति हमेशा से रही है कि किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाती।
“फिर क्यों सहमति दी गई? वजह देश को बताई जाए।”
खड़गे ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री ने अपने दो घंटे के भाषण में ट्रंप का नाम तक नहीं लिया।
ट्रंप के बार-बार किए गए दावे
डोनाल्ड ट्रंप ने 10 मई को यह दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच उनकी मध्यस्थता से संघर्ष विराम हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया सहित कई बार यह बयान दोहराया है।
हालांकि भारत का आधिकारिक रुख यह रहा है कि यह समझौता भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के डायरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMOs) के बीच सीधे संवाद के बाद हुआ था, किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं रही।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक महीने पहले ट्रंप के साथ हुई 35 मिनट की टेलीफोनिक बातचीत में यह स्पष्ट किया था कि भारत न पहले कभी, और न अब किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार करता है।
ऑपरेशन सिंदूर और संघर्षविराम
भारत ने 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जो कि पहलगाम हमले (जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी) के जवाब में किया गया था। इसके बाद चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला चला और अंततः 10 मई को संघर्षविराम की घोषणा हुई।
राहुल गांधी का आरोप है कि यदि प्रधानमंत्री मोदी में इंदिरा गांधी जैसा साहस होता, तो वह संसद में डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट रूप से झूठा कहते। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि किसी भी देश के नेता ने भारत को ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए नहीं कहा। यह राजनीतिक बहस अब घरेलू राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक की बहस का विषय बन गई है।
