“थोड़ी चूड़ियां पहन लो, एक घघरा सिलवा लो…” — बिजली कटौती से त्रस्त मेरठ की महिलाएं पहुंचीं अफसरों को चूड़ियां पहनाने

मेरठ, 30 जुलाई: बिजली संकट से जूझ रहे मेरठ की जनता का गुस्सा अब सड़कों पर फूटने लगा है। भाजपा समर्थक महिलाएं और स्थानीय लोग सोमवार को बिजली विभाग के अधिकारियों को चूड़ियां भेंट करने पहुंच गए, उनका कहना था — “अगर आपमें काम करने की हिम्मत नहीं, तो थोड़ी चूड़ियां पहन लो, एक घघरा सिलवा लो…”

मेरठ शहर और आसपास के इलाकों में बिजली की भारी कटौती से आमजन त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में बिजली सबसे अधिक गुल रहती है, वे इलाके भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। बावजूद इसके, न तो बिजली आपूर्ति सुधर रही है और न ही जनप्रतिनिधियों से कोई सीधा संवाद हो पा रहा है।

सांसद पर भी जनता का फूटा गुस्सा
मेरठ के सांसद, जो एक जाने-माने अभिनेता हैं, अक्सर क्षेत्र में नजर नहीं आते। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे कभी-कभार ही दर्शन देते हैं और जनता की पीड़ा को नज़रअंदाज़ करते हैं।

MD ईशा दुहन पर गंभीर आरोप
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) की प्रबंध निदेशक ईशा दुहन पर भी जनता से दूरी बनाए रखने के आरोप लगे हैं। लोगों ने बताया कि जब ऊर्जा मंत्री द्वारा नोएडा में मीटिंग बुलाई गई, तब भी ईशा दुहन वहां उपस्थित नहीं हुईं। इससे जनता में यह संदेश गया कि बिजली विभाग की शीर्ष अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं से मुंह मोड़ रही हैं।

सबसे अधिक अंधेरे में रहा मेरठ
बीते 24 घंटों में मेरठ के कई इलाकों में घंटों तक बिजली नहीं आई। उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे। न तो इनवर्टर चार्ज हो सके, न ही पानी की सप्लाई सुचारु रह पाई।

जनता का कहना है कि घोषणाएं तो बहुत होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आता। अब जब भाजपा के समर्थक भी सड़कों पर उतर आए हैं, तो सवाल उठता है कि आखिर इस बिजली संकट का हल कब निकलेगा?

जनता अब जवाब चाहती है, बिजली नहीं मिलने की बजाय जिम्मेदारी तय की जाए — और अगर अफसर काम नहीं कर सकते, तो चूड़ियां पहनकर घर बैठ जाएं।

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