- रिपोर्ट- सी एम ग्रोवर
सिरसा (सी एम ग्रोवर) “दीवार क्या गिरी, मेरे मकान की, लोगों ने रास्ता बना लिया” यह पंक्तियां उन राजसी दिग्गजों पर खरा उतरती है,जिनके एक इशारे पर प्रशासनिक ढांचा हरकत में आ जाता था। यह कटु सत्य है कि हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और पूर्व कैबिनेट मंत्री रणजीत सिंह के राजनीतिक सफर गढ्ढे क्या खोदे कि प्रशासनिक ढांचे की ट्यून ही बदल गई। दुष्यंत और रणजीत सिंह की कोठियां आमने सामने हैं और इनके सामने बन चुके गहरे गड्ढे कई सवालिया निशान लगा रहे हैं। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत की कोठी “चौटाला हाऊस” से लेकर हिसार रोड को मिलाने वाली सड़क अपनी बेबसी पर आंसू बहा रही है। वार्डवासियों के धैर्य की सीमा के जवाब देने उपरांत प्रशासन को इस तरफ ध्यान दिलाने के लिए सोमवार को संकेतित धरना दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुष्यंत चौटाला ने इस सड़क को मैटल रोड बनाने के लिए 77,45,415 रूपए का बजट पारित करते हुए इसके टेंडर भी करवाने की प्रक्रिया शुरू करवा दी थी, मगर आश्चर्यजनक है कि संबंधित विभाग इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों लोग अपने वाहनों से बरनाला रोड, हिसार रोड,डी सी कालोनी,गुरू नानक नगर तथा हुड्डा के सेक्टरों की तरफ आना जाना करते हैं।
