एक राजा, एक रानी और एक चालाक योजना जिसने अंग्रेजों को चकमा दे दिया!

महाराजा जगजीत सिंह ने अपनी रानी को पुरुष वेश में यूरोप ले जाकर रच दिया इतिहास

नई दिल्ली, 2 जुलाई 2025: भारतीय इतिहास में कई किस्से हैरान कर देने वाले हैं, लेकिन पंजाब के कपूरथला रियासत के महाराजा जगजीत सिंह की यह कहानी न सिर्फ चौंकाती है, बल्कि शाही प्रेम और चतुराई का अनोखा उदाहरण भी पेश करती है।

ब्रिटिश राज के दौरान जब वायसराय लॉर्ड कर्जन ने यह आदेश दिया कि किसी भी भारतीय राजा को विदेश यात्रा पर महारानी को साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी, तब महाराजा जगजीत सिंह ने इस पाबंदी को तोड़ने का एक अनोखा तरीका ढूंढ़ निकाला।

रानी को पुरुष बनाकर ले गए यूरोप
अपनी चौथी और अत्यंत प्रिय रानी कनारी को यूरोप ले जाने की इच्छा रखते हुए, महाराजा ने अपने दीवान जर्मनीदास की सलाह मानी — रानी को पुरुष वेश में तैयार किया गया। नकली दाढ़ी, पगड़ी, अचकन-पायजामा और सिक्ख पुरुष की तरह वेशभूषा पहनाकर रानी को यूरोप की यात्रा पर ले जाया गया।

महीनों तक चला ये राज़
विदेश यात्रा के दौरान रानी सार्वजनिक आयोजनों में पूरी तरह पुरुष वेश में नजर आईं। जबकि निजी क्षणों में वे रानी के रूप में ही महाराजा के साथ रहती थीं। अंग्रेज अधिकारियों को महीनों तक इस योजना की भनक तक नहीं लगी।

बंबई में हुआ स्वागत, फिर भी नहीं टूटा भेद
यात्रा समाप्त कर जब दोनों भारत लौटे, तब बंबई में वायसराय कार्यालय द्वारा शानदार स्वागत हुआ। रानी तब भी पुरुष वेश में ही थीं और किसी को इस चतुर चाल की भनक नहीं लगी। यह पूरी योजना महाराजा जगजीत सिंह की दूरदर्शिता और प्रेम के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

इतिहास में दर्ज हुई एक प्रेम-चतुराई की मिसाल
इस किस्से से साफ होता है कि शाही दुनिया में प्रेम, पराक्रम और चालाकी कैसे एक साथ चलते थे। महाराजा जगजीत सिंह की यह दास्तान एक रोमांचक, ऐतिहासिक और प्रेरणादायक घटना बन चुकी है, जिसे आज भी याद किया जाता है।

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