‘क्या कमाल की राइड थी’: शुक्ला की अंतरिक्ष से पहली आवाज, 41 साल बाद भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान में ऐतिहासिक वापसी

नई दिल्ली। “क्या कमाल की राइड थी!”—भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने जैसे ही पृथ्वी की कक्षा में पहुंचते ही यह शब्द बोले, पूरे देश में गर्व की लहर दौड़ गई। नासा के फ्लोरिडा स्थित स्पेसपोर्ट से स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में उड़ान भरने के महज 10 मिनट के भीतर पृथ्वी की कक्षा में पहुंचने के बाद शुक्ला ने शुद्ध हिंदी में यह संदेश दिया।

शुक्ला, जो 39 वर्षीय फाइटर पायलट से अंतरिक्ष यात्री बने हैं, भारत के दूसरे व्यक्ति बने हैं जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की है। 41 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान में वापसी को चिह्नित करते हुए शुक्ला ने देशवासियों को अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनने का आह्वान किया।

उन्होंने अंतरिक्ष से पहला संदेश देते हुए कहा,
“नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियों। क्या कमाल की राइड थी! हम 41 साल बाद फिर अंतरिक्ष में लौटे हैं। हम पृथ्वी की कक्षा में 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से घूम रहे हैं। ये सिर्फ मेरे अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा की शुरुआत नहीं है, बल्कि भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है।”

शुक्ला ने आगे कहा,
“मेरे कंधे पर लहराता तिरंगा मुझे बताता है कि मैं अकेला नहीं हूं, आप सभी मेरे साथ हैं। आप सबका सीना भी गर्व से चौड़ा होना चाहिए। चलिए, इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनते हैं। जय हिंद! जय भारत!”

शुभांशु शुक्ला ने यह ऐतिहासिक उड़ान Axiom Space के व्यावसायिक मिशन के तहत तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ भरी है। यह मिशन 1984 में राकेश शर्मा की रूसी यान से हुई अंतरिक्ष यात्रा के बाद भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान की वापसी है।

‘ग्रेस’ नामक ड्रैगन यान गुरुवार को भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से डॉक करेगा। 14 दिवसीय इस मिशन में भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की पुनः शुरुआत होगी।

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